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Fatehabad News: धर्मशाला में डीजे का शोर, समिति ने अब पंचायत भवन में मांगी जगह

Tue, 10 Jun 2025 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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बाल भवन में जिला पुस्तकालय का बाहर रखा सामानसंवाद
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फतेहाबाद। जिला पुस्तकालय को नए बस स्टैंड में शिफ्ट करने के बाद से मामला शांत नहीं हो रहा है। युवाओं को संस्थाओं को नए बस स्टैंड से बाल भवन में स्थानांतरित करने के बाद जगह रास नहीं आ रही है। यहां तक कि बस स्टैंड से सामान भी आधा-अधूरा ही शिफ्ट हो पाया है।
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मंगलवार को लाइब्रेरी बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक मोहन लाल नारंग के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रवीन जोड़ा व पूर्व विधायक दुड़ाराम से मुलाकात कर वस्तुस्थिति को उनके सामने रखी और आधुनिक लाइब्रेरी बनाने के लिए स्थाई जगह व फिलहाल अस्थायी रूप से जिला पुस्तकालय को उपयुक्त जगह देने की मांग रखी।
समिति सदस्यों ने कहा कि लाइब्रेरी को शहर से बाहर बस स्टैंड पर शिफ्ट करने के भारी विरोध के बाद प्रशासन ने पुस्तकालय को ठाकर बस्ती स्थित बाल भवन में शिफ्ट कर दिया। लेकिन वहां पर भी पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण पुस्तकविहीन पुस्तकालय ही बस स्टैंड से यहां शिफ्ट हो पाया है। पुस्तकें व अलमारियों सहित अधिकांश सामान अभी भी नए बस स्टैंड पर ही पड़ा है।
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पंचायत भवन में मांगी गई जगह
समिति ने मुख्य रूप से पंचायत भवन में अस्थायी रूप पुस्तकालय को शिफ्ट करने का सुझाव दिया। समिति की सुझावों और समस्याओं को भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीन ने सुना है और कहा कि वे पुस्तकालय के आजीवन सदस्य हैं और इस मुद्दे को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने समिति के सुझावों पर सहमति जताई और आश्वासन दिया कि वह जिला प्रशासन के सामने बात रखेंगे। वहीं समिति के शिष्टमंडल ने पूर्व विधायक दुड़ा राम से उनके कार्यालय में मुलाकात कर उनके सामने वस्तुस्थिति रखी और पाठकों भावनाओं से अवगत करवाया। पूर्व विधायक ने समिति के शिष्टमंडल को बताया कि वह जिला पुस्तकालय के लिए स्थायी जगह उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री से बात करेंगे और पंचायत भवन में अस्थायी रूप से लाइब्रेरी को शिफ्ट करने के विकल्प पर उपायुक्त से बात करेंगे।
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सदस्य बोले- डीजे बजता है, बच्चे कैसे करेंगे पढ़ाई
समिति के संयोजक मोहन लाल नारंग व सह-संयोजक हरदीप सिंह ने बताया कि बाल भवन में सीमित स्थान उपलब्ध होने के कारण केवल कुर्सियां व बेंच ही स्थानांतरित की जा सकी हैं, जबकि पुस्तकालय की अधिकांश अलमारियां, पुस्तकें व सामान नए बस स्टैंड पर पड़ी हैं। बाल भवन में लगभग 35 बच्चों के बैठने की ही व्यवस्था है, जबकि प्रतिदिन औसतन 60-70 विद्यार्थी बीडीओ ब्लॉक वाली लाइब्रेरी में अध्ययन हेतु पहुंचते थे। बाल भवन में औसतन 12 विद्यार्थी ही पहुंचते और अन्य पाठक तो उस स्थान पर जा ही नहीं रहे। बाल भवन में रात के समय सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। भवन में सीसीटीवी भी नहीं हैं। बाल भवन वाली गली में लाइट की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। बाल भवन में बच्चों को सारा दिन नृत्य व म्यूजिक सिखाएं जाने के कारण डीजे का शोर रहता है। साथ लगती अरोड़वंश धर्मशाला में भी शादी व अन्य कार्यक्रम होने से शोर-शराबा रहता है। ऐसे में बाल भवन में लाइब्रेरी के लिए अनुकूल माहौल नहीं है।
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सांसद के सामने उठाएंगे मुद्दा
समिति सदस्यों ने कहा कि मामले को सांसद कुमारी सैलजा, विधायक बलवान सिंह व पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा सहित पक्ष व विपक्ष के सारे नेताओं मुलाकात कर वस्तुस्थिति से अवगत करवाएंगे। शिष्टमंडल में हरदीप सिंह, राजीव सेतिया, विनोद अरोड़ा, पार्षद प्रतिनिधि योगी हंसराज, एडवोकेट रमेश जोईया, नवीन सिन्हा, राजकुमार बिसला, प्रकाश चंद्र, पवन कुमार, रामदेश सहित कई विद्यार्थी शामिल रहे।
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