फतेहाबाद के गांव ढाणी सांचला-भोजराज के बाबा बालक नाथ डेरे में गद्दीनशीन महंत के खिलाफ लड़की वशीकरण का उपजा विवाद एक दिन पहले पंचायत में निपटाने के बाद मंगलवार को फिर भड़क गया। डेरा महंत के पक्ष और विपक्ष में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण डेरे में एकत्रित हो गए। दोनों पक्षों में महिलाओं की संख्या भी खूब रही। महंत के विरोध के लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की। महंत का विरोधी पक्ष महंत को डेरे से बाहर भेजने के प्रयास में हैं। फिलहाल गांव में माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण बना हुआ है। सूचना पाकर भूना थाना से पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए हैं।
यह था विवाद
19 अगस्त को सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने एक तांत्रिक और डेरे के महंत की वीडियो वायरल कर दी थी। गांव के कुछ लोगों ने लड़की के वशीकरण का आरोप लगाकर डेरा महंत को गाली-गलौज करके डेरे से निकाल दिया था। बाबा को जातिगत अपशब्द कहे जाने पर गांव में दो गुट बन गए थे। वहीं, लड़की का नाम विरोधियों द्वारा सार्वजनिक करने व पंचायत में बुलाए जाने पर मामला और ज्यादा तूल पकड़ गया था। लड़की के परिजन विरोधियों से खफा हो गए और उन्होंने 23 अगस्त को पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने 25 अगस्त को लड़की को सरेआम बदनाम करने वाले पांच नामित व कई अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 294, 452, 506, 507 व 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज करवा दिया था। इसलिए पिछले कई दिनों से गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी।
डेरा महंत ने भी पुलिस में शिकायत देकर उसकी बदनामी करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उधर, विरोधी पक्ष ने डेरा प्रमुख पर भी कार्रवाई के लिए मांग उठाई थी। मगर डीएसपी जुगल किशोर ने गांव में उपजे विवाद को शांतिपूर्वक ढंग से निपटाने का प्रयास किया। डीएसपी ने एक सितंबर को फतेहाबाद की पुलिस लाइन में तीनों ही पक्षों के लोगों की बात को गंभीरता से सुना और उस पर मंथन किया। उपरोक्त बैठक में बाबा पर लड़की वशीकरण से संबंधित वीडियो के तथ्य आधारहीन मिले। बताया गया कि तांत्रिक ने ही कुछ लोगों के साथ मिलकर खेल रचा था। इस बैठक में नाथ संप्रदाय मंच के पीर शुक्राई नाथ महाराज व काली मोरी डेरा अलवर के महंत बाबा रूपनाथ ने भी मध्यस्थता की थी।
सोमवार को हुई थी समझौता बैठक
डीएसपी जुगल किशोर की मौजूदगी में सोमवार को तीनों ही पक्षों की भूना थाना में समझौता पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत में लड़की पक्ष के सामने विरोधी पक्ष ने हाथ जोड़कर पूरे घटनाक्रम में गलतफहमी होने पर खेद प्रकट किया। वहीं, डीएसपी ने पंचायत में डेरे में किसी भी प्रकार के लेनदेन से संबंधित कौथ मठ के पीर शुक्राई नाथ को संपूर्ण अधिकार दिया। जिसे पंचायत में सैकड़ों लोगों ने स्वीकार किया। पंचायत के समापन पर डेरा बाबा बालक नाथ के गद्दीनसीन महंत बाबा धर्मनाथ महाराज को समर्थक डेरे की गद्दी पर लेकर पहुंचे थे। मगर अब मंगलवार को फिर से विवाद हो गया।