फतेहाबाद। मुख्यालय के निर्देशों के बावजूद सहकारी समिति की बसों में छात्र-छात्राओं के बस पास मान्य नहीं किए जा रहे हैं जिससे रोजाना विवाद की स्थिति बन रही है। इस अव्यवस्था का सबसे अधिक असर स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं पर पड़ रहा है। टोहाना रूट पर सहकारी समिति संचालकों द्वारा बस पास मान्य न करने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जिस भी संस्थान में विद्यार्थी पढ़ते हैं उनके लिए रोडवेज बस पास जारी करता है। जमीनी स्तर पर यह सुविधा प्रभावी रूप से लागू नहीं है। सहकारी बस परिचालक पास स्वीकार करने के बजाय विद्यार्थियों पर टिकट लेने का दबाव बना रहे हैं। ऐसे में बसों में अक्सर बहस और कहासुनी की स्थिति बन जाती है। सहकारी समिति की बसों में परिचालक छात्र-छात्राओं के बस पास मान्य न करते हुए उन्हें टिकट लेने के लिए मजबूर करते हैं।
तीन दिन पहले एक छात्र की ओर से जारी किए गए वीडियो में परिचालक टिकट लेने के लिए बोलता है जिसके बाद संस्थान में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं ने परिचालक को बस पास के बारे में बोला तो उसे मान्य न करते हुए टिकट लेने के लिए बोला। इसके बाद छात्राें ने इसका विरोध किया। जिस पर उन्हें अगले गांव के बस स्टॉप पर ही उतार दिया गया।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है। वीडियो में छात्र अपने बस पास दिखाते नजर आते हैं लेकिन फिर भी उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं दी जा रही। वीडियो में छात्र सरकार से इस मामले पर संज्ञान लेने के बारे में मांग कर रहे हैं।
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प्रदेश सरकार की ओर से सहकारी समिति की बसों में बस पास मान्य करते हुए पत्र जारी किया था जिसमें साफ तौर पर लिखा था कि रोडवेज बसों में जिस तरह बस पास मान्य होते है वैसे ही सहकारी समिति की बसों में भी इसे मान्य किया जाए। इसके बाद भी लगातार छात्राें को परेशानी आती है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
- पवन कुमार, जिला प्रधान, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया।
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फतेहाबाद-रतिया-टोहाना रूट पर छात्राें को सबसे ज्यादा दिक्कत आती है। इन रूट पर कोई परिचालक बस पास मान्य कर देता है तो कोई मान्य न करते हुए टिकट लेने के लिए मजबूर करते हैं। वहीं टिकट नहीं लेने पर वे उन्हें बीच रास्ते पर ही उतार देते हैं।
- रवि, छात्र।
बस पास जारी करने के बारे में जिलास्तर से पत्र किया जा चुका है अगर कोई मामला मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी।
- संजय बिश्नोई, सचिव, आरटीए