रतिया सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालु ,स्त्रोत आयोजक
रतिया। टिब्बा कॉलोनी स्थित श्री राम आश्रम शिव मंदिर में संत शिरोमणि श्री रामेश्वरानंद सरस्वती के सानिध्य में चल रही सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन शिव-पार्वती विवाह प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। व्यासपीठ पर विराजमान कालांवाली निवासी कुलदीप शास्त्री ने रुद्र संहिता के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया।
कथा में माता सती के त्याग, भगवान शिव के तांडव, 51 शक्तिपीठों की स्थापना और माता पार्वती के रूप में उनके पुनर्जन्म का प्रसंग सुनाया गया। इसके बाद कामदेव की ओर से भगवान शिव की तपस्या भंग करने और उनके तीसरे नेत्र से कामदेव के भस्म होने का प्रसंग भी सुनाया गया। कुलदीप शास्त्री ने कहा कि विकारों पर विजय प्राप्त करने के बाद ही सच्चे प्रेम की अनुभूति संभव है।
उन्होंने माता पार्वती की कठोर तपस्या का वर्णन करते हुए कहा कि उनका दृढ़ संकल्प त्याग, तप और नारी शक्ति की प्रेरणा देता है।
शास्त्री ने कहा कि शिव-पार्वती विवाह वैराग्य और गृहस्थ जीवन के समन्वय का संदेश देता है। पति-पत्नी में प्रेम, सम्मान और त्याग हो तो घर भी कैलाश के समान बन सकता है। मुख्य अतिथि खाटू श्याम मंदिर ट्रस्ट के प्रधान राजकुमार सिंगला, शिवदल नगर कमेटी के प्रधान पुजारा लाल चुघ आदि मौजूद रहे।