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Fatehabad News: ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नहीं अपलोड हो रहा मकानों व पशुओं के नुकसान का ब्योरा

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फतेहाबाद। बाढ़ व बारिश के पानी के कारण खराब हुई फसलों का ब्यौरा तो ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर निरंतर जारी है। इसी पोर्टल पर हाल ही में सरकार ने बाढ़ से खराब हुए मकानों व पशुओं के नुकसान का ऑब्शन दिया था, लेकिन तकनीक खराबी के कारण यह ब्योरा पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पा रहा है, जिस कारण लोग का काफी परेशान हैं।
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सरकार द्वारा बाढ़ व बारिश के कारण मेरी फसल-मेरा ब्योरा व ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल को 31 जुलाई तक किसानाें के लिए खोला गया था, ताकि वह अपनी खराब हुई फसलों का ब्यौरा दे सकें। इसके बाद इस पोर्टल को 10 अगस्त तक और खोल दिया गया। इस बार पोर्टल पर बाढ़ से प्रभावित हुए मकानों व पशुओं की जानकारी देने के लिए नया ऑब्शन भी डाला गया था, लेकिन यह नया ऑब्शन अभी काम नहीं कर रहा है। इस ऑब्शन में कई बार तकनीक खराबी आ जाती है तो कभी सर्वर डाउन हो रहा है, जिस कारण लोग बाढ़ से हुए अपने मकानों व पशुओं के नुकसान का डाटा अपलोड नहीं कर पा रहे हैं।

अब तक 66718 एकड़ भूमि पर फसल खराबे का आया ब्योरा
बाढ़ व बारिश के कारण हुई बर्बाद फसलों के खराबे को लेकर फतेहाबाद जिला के 182 गांवों के 8696 किसानों ने अपनी खराब फसलों के लिए आवेदन किया है। जिला भर के इन किसानों ने अब तक 66718 एकड़ जमीन पर फसल खराब होने की बात कही है।
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फसल खराबे के लिए खंडों से आए किसानों के आवेदन
खंड गांव किसान फसल खराबा
भट्टूकलां 14 144 736
भूना 07 10 37.78
फतेहाबाद 41 2139 16705.84
जाखल 21 2031 14671.90
कुलां 16 707 5350
रतिया 66 3494 26900.34
टोहाना 17 396 2316.67

कोट
बाढ़ के कारण मकानों व पशुओं को हुए नुकसान को लेकर ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नया ऑब्शन आ चुका है, कुछ तकनीकी खामियों व सर्वर डाउन की परेशानी हो सकती है, जिसे ठीक करवाया जा रहा है।
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-सुरेश कुमार, डीआरओ, फतेहाबाद।
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