फतेहाबाद। फतेहाबाद में आई बाढ़ के बाद शहर में बेसहारा पशुओं की संख्या बढ़ गई है। शहर की गलियों व सड़कों पर बेसहारा पशुओं की भरमार देखी जा रही है। शहर में इस समय करीब एक हजार बेसहारा पशु सड़कों व गलियों में घूम रहे हैं, जबकि इनकी पहले संख्या सिर्फ 200 के करीब थी।
फतेहाबाद में आई बाढ़ विभीषिका ने आमजन को को ही नहीं बल्कि पशुओं को भी परेशान किया है। फतेहाबाद शहर के आसपास के इलाकों में आई बाढ़ के बाद एकाएक शहर में बेसहारा पशुओं की तादाद बढ़ गई है। रात हो या दिन शहर की सड़कों व गलियों में यह बेसहारा पशु दिखाई देते हैं। रात के समय हाईवे पर होने के कारण यह बेसहारा पशु हादसों का बड़ा कारण बन सकते हैं। नगर परिषद की ओर से भी इन पशुओं को पकड़ने के लिए अभी तक कोई अभियान नहीं चलाया गया है। ज्ञात रहे कि बेसहारा पशुओं की चपेट में आने से कई लोग घायल हो चुके हैं।
10 दिनों में बढ़े 800 से अधिक बेसहारा पशु
शहर की सामाजिक संस्थाओं की बात मानें तो पिछले 10 दिनों में ही करीब 800 बेसहारा पशुओं की संख्या शहर में बढ़ गई है। पहले शहर में सिर्फ 150 से 200 पशु की दिखाई देते थे, लेकिन अब इनकी संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। यह सभी बाढ़ प्रभावित पशु माने जा रहे हैं और कोई ठिकाना न मिलने के कारण उनको शहर में छोड़ दिया गया है।
प्रशासन दे ध्यान, गोशालाओं में भेजे जाएं बेसहारा पशु
शहर में श्री श्याम गोभक्त सेवा समिति के सदस्य गौरव बंसल ने बताया कि शहर में बेसहारा पशुओं की तादाद बाढ़ आने के बाद अधिक बढ़ी है। लगता है कि जो पशुपालक अपने पशुओं को नहीं रख पाते थे, उन्होंने उन्हें खुला छोड़ दिया है। हमारी समिति लगातार प्रयास कर रही है कि इन पशुओं को चारा मिल जाए, लेकिन शहर में इन पशुओं के कारण हादसे हो सकते है। इसलिए इन पशुओं को पकड़ कर नंदीशाला या गोशालाओं में छोड़ा जाए।
कोट
बेसहारा पशुओं को नगर परिषद की ओर लगातार पकड़ा जा रहा है। इस मामले में नंदीशाला के अधिकृत लोगों से बात भी हुई है। जल्द ही बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा।
-मुकेश शर्मा, सीएसई, नगर परिषद फतेहाबाद।