दिव्यांग खिलाड़ी सुल्तान अपने पदक दिखाते हुए। संवाद
टोहाना। सुंदर नगर के निवासी सुल्तान सिंह ने अपनी दिव्यांगता के बावजूद बॉक्सिंग में कई पदक जीतकर न केवल अपने माता-पिता का नाम रोशन किया, बल्कि क्षेत्र का भी गौरव बढ़ाया है। सुल्तान सिंह वर्तमान में टोहाना की संजय बॉक्सिंग अकादमी में अभ्यास कर रहा है।
सुल्तान ने 7 साल पहले बॉक्सिंग को अपने कॅरिअर के रूप में चुना था, लेकिन शुरुआत में बाएं हाथ की एक उंगली के न होने के कारण उसे ग्रिप बनाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके, उसने कड़ी मेहनत से अपने पंच को बेहतर किया और बॉक्सिंग में सफलता प्राप्त की।
सुल्तान ने भिवानी में आयोजित प्रदेशस्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में चयनित होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियन विजेंद्र सिंह से सम्मान प्राप्त किया। इसके अलावा, करनाल में आयोजित प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में उसने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि टोहाना में नॉर्थ इंडिया खेल प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल किया।
सुल्तान के अनुसार, उसे अपने कोच संजय बॉक्सर, महेश डांगरा और जसवीर से बहुत कुछ सीखने को मिला है। सुल्तान के पिता हंसराज मार्केट कमेटी में कार्यरत हैं, जबकि उसकी माता गृहिणी हैं।
दिव्यांग खिलाड़ी सुल्तान अपने पदक दिखाते हुए। संवाद