फतेहाबाद। खाने-पीने की गलत आदतें दांतों की बीमारियों को बढ़ा रही हैं। रात को ब्रश न करना इसका सबसे बड़ा कारण है। यही वजह है कि अस्पतालों में दंत चिकित्सक की ओपीडी में रोजाना 80 से 100 मरीज पहुंच रहे हैं। समय पर सफाई न करने से लोगों के मसूड़े कमजोर हो रहे हैं और पायरिया के शिकार हो रहे हैं। वहीं तंबाकू खाने से मुंह के कैंसर के मरीज भी बढ़ रहे हैं।
बता दें कि हर साल 20 मार्च को विश्व स्तर पर ओरल हेल्थ दिवस मनाया जाता है। यह दिन ओरल हेल्थ और ओरल हाइजीन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मनाते हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग पीएचसी, सीएचसी और नागरिक अस्पताल स्तर पर कैंप लगाकर जागरूक करेगा। उप सिविल सर्जन डॉ. लाजवंती गौरी का कहना है कि अगर समय पर दांतों की सफाई की जाए और खासकर रात को सोने से पहले ब्रश किया जाए तो दांतों संबंधित बीमारियां होने का खतरा न के बराबर रह जाता है। लेकिन लोग ब्रश तो कर रहे हैं लेकिन रात को सोने से पहले नहीं करते। ये ही मुख्य वजह है कि ओपीडी में दांतों संबंधित रोग बढ़ रहे हैं।
आज भी महिलाओं को ये कहा जाता है कि डिलीवरी के बाद उन्हें ब्रश नहीं करना चाहिए जबकि ये गलत है। बच्चे को भी जब पहला दांत निकलता है तो हल्का ब्रश जरूर शुरू करना चाहिए।
दंत चिकित्सकों के 21 पद खाली
जिले में दंत चिकित्सकों के 31 पद हैं लेकिन 21 पद खाली पड़े हैं। यानि की 10 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। ऐसे में करीब 18 पीएचसी पर दंत रोग विशेषज्ञ की ओपीडी नहीं है। मरीजों को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल फतेहाबाद या फिर टोहाना जाना पड़ रहा है।
तंबाकू के सेवन से बढ़ रहे कैंसर के मरीज
दंत चिकित्सक मेजर डॉ. शरद तुली का कहना है कि तंबाकू के सेवन से मुंह के कैंसर के रोग बढ़ रहे हैं। ओपीडी में हर माह दो से तीन मरीज प्री कैंसर के आ रहे हैं। तंबाकू का सेवन नहीं करना चाहिए और अगर प्री कैंसर को लेकर लक्षण हैं तो जांच जरूर करवाएं।
जो महिलाएं स्तनपान करवाती हैं उन्हें ब्रश जरूर करना चाहिए। रात को सोने से पहले ब्रश जरूर करें। इसके अलावा अधिकतर लोगों को लगता है कि ब्रश को दांतों पर तेजी से रगड़ने से दांत अच्छे से साफ होते हैं। लेकिन जोर से ब्रश करने से फायदा नहीं, बल्कि दांतों को नुकसान होता है। ब्रश को अच्छे ढंग से करें।
- डॉ. लाजवंती गौरी, उप सिविल सर्जन