कोरोना महामारी के साथ-साथ अब डेंगू भी दस्तक दे चुका है। फतेहाबाद क्षेत्र में डेंगू की चपेट में आए दो मरीज मिले हैं। हालांकि अभी तक दो ही मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। कोरोना महामारी में डेंगू के प्रति लापरवाही खतरनाक हो सकती है। ऐसे में डेंगू के प्रति भी ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है, क्यों कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर साल मलेरिया और डेंगू को लेकर किया जाने वाला सर्वे कोरोना महामारी के चलते नहीं हो पा रहा है। पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर और प्रतिष्ठानों में जाकर सर्वे करती थी, डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लारवा को नष्ट करती थी। लेकिन अब कोरोना महामारी के चलते टीमें संक्रमितों को संभालने में लगी है। जिले में पिछले सात सालों में 768 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है, ये सरकारी आंकड़ा है हालांकि इससे पीड़ित होने वाले मरीजों का आंकड़ा कई गुना ज्यादा है।
सात सालों में डेंगू के मरीज मिले
वर्ष मरीज मिले
2015 189
2016 38
2017 419
2018 56
2019 29
2020 35
2021 2
नप और पंचायतों के सहारे विभाग
स्वास्थ्य विभाग पहले खुद गांवों और शहरों में फॉगिंग करवाता था। लेकिन पिछले करीब चार सालों से फॉगिंग का जिम्मा नगर परिषद और नगर पालिका व पंचायतों के हवाले कर रखा है। लेकिन संबंधित विभाग फॉगिंग नहीं करवा रहे हैं। फतेहाबाद क्षेत्र में ही नप की ओर से एक बार भी अभी तक फॉगिंग नहीं करवाई गई है।
ये हैं डेगू के लक्षण
अचानक सिर में तेज दर्द व बुखार का होना।
मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना।
आंखों के पीछे दर्द होना।
जी मचलाना और उल्टी का आना।
गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना।
ऐसे करें डेंगू से बचाव
डेंगू फैलाने वाला मच्छर खड़े हुए साफ पानी में पनपता है। घर पर कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन व टायर आदि में पनप सकता है। पानी से भरे हुए बर्तनों व टंकियों आदि को ढंककर रखें। कूलर का सप्ताह में एक बार खाली करके जरूर सुखाएं। यह मच्छर दिन के समय काटता है। ऐसे कपड़े पहने जो शरीर को पूरी तरह से ढक सकें।
कोट
कोरोना महामारी में डेंगू के प्रति भी जागरूक होने की जरूरत है। डेंगू के उपचार के लिए कोई खास दवा नहीं है। बुखार उतारने के लिए पैरासिटामॉल ले सकते है। डॉक्टर से परामर्श लेकर उपचार लें। डेंगू के प्रत्येक रोगी को प्लेटलेट्स की जरूरत नहीं होती है। सरकारी अस्पतालों में डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया की निशुल्क जांच की जाती है।
- डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी अधिकारी।
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