फतेहाबाद। जिले के 11 हजार कर्मचारियों से हर महीने ईएसआई के नाम पर फंड तो काटा जा रहा है लेकिन जब उन्हें या उनके बच्चों को इलाज की जरूरत होती है, तो उन्हें दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं। जागो संस्था ने इस संबंध में उपायुक्त डॉ. विवेक को पत्र भेजकर ईएसआई औषधालय के लिए तुरंत प्रभाव से अस्थायी जगह उपलब्ध करवाने की पुरजोर मांग की है।
संस्था के पदाधिकारी देवेंद्र दहिया, सुरेंद्र असीजा, डिंपल चौधरी, अमरजीत मालवां, पंकज कुक्कड़, ब्राइट गोदारा, रमेश कंबोज, बॉबी नागपाल, विनोद कुमार ने बताया कि जिले के कर्मचारियों की समस्या को देखते हुए वर्ष 2021 में ईएसआई औषधालय मंजूर किया गया था। इसके लिए 3 चिकित्सकों की नियुक्ति को भी मंजूरी मिल चुकी है।
संस्था सदस्यों के अनुसार केवल जगह के अभाव में यह औषधालय आज तक कागजों से बाहर नहीं आ पाया है। संस्था का आरोप है कि पत्राचार का खेल चल रहा है और 11 हजार कर्मचारियों सहित उन पर आश्रित लगभग 55 हजार पारिवारिक सदस्यों को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।
21 हजार वेतन वालों को मिलती हैं 16 प्रकार की सुविधाएं
संस्था सदस्यों के अनुसार 21 हजार रुपये तक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए ईएसआई में कैशलेस मेडिकल सुविधा के अलावा 16 प्रकार की अन्य जीवनरक्षक सुविधाएं भी दी जाती हैं। जिले में औषधालय न होने के कारण गर्भवती, बीमार बच्चों और कर्मचारियों को इलाज के लिए 60 किलोमीटर दूर हिसार जाना पड़ता है जिससे उनका समय, पैसा और छुट्टियां बर्बाद होती हैं।
संस्था ने सुझाए शहर के 7 खाली भवन
जागो संस्था ने डीसी से अपील की है कि जब तक औषधालय के लिए स्थाई भवन का निर्माण नहीं हो जाता तब तक प्रशासन अपने स्तर पर कोई अस्थायी जगह देकर इसे तुरंत शुरू करवाए। शहर में खाली पड़े 7 स्थानों का सुझाव भी प्रशासन को दिया है जहां आसानी से यह औषधालय शुरू किया जा सकता है। इनमें मुख्य रूप से रेडक्रास भवन, पुराना बस स्टैंड भवन, पपीहा टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स, पुरानी सब्जी मंडी में सात साल पहले नगर परिषद विश्राम गृह, भट्ठा कालोनी का बंद स्कूल, पुरानी तहसील चौक के पास स्थित स्कूल भवन व बरसीन में बंद पड़ा कन्या विद्यालय में भी कई कमरे खाली हैं।