फतेहाबाद। मार्च महीने में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से जिले के किसानों की फसलों को नुकसान हुआ। इससे फसलों के उत्पादन में कमी आई है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को 370.52 करोड़ से अधिक की मुआवजा राशि जारी कर दी गई है। जिले के 10 गांवों ओलावृष्टि हुई थी। जिसके सत्यापन का काम अधूरा होने से जिले के किसानों का मुआवजा जारी नहीं हो सका है।
जिले के गांव ढाणी माजरा, माजरा, भिरड़ाना, झलनियां, चंद्रावल, दौलतपुर, बरसीन, भूथन कलां, गिल्ला खेड़ा, धांगड़ और बिसला में ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हुई हैं। इन गांवों के 1,842 किसानों ने कुल 13,956.185 एकड़ भूमि पर फसल खराबे के लिए आवेदन किया था लेकिन जिला राजस्व अधिकारी और एसडीएम स्तर पर सत्यापन का काम अधूरा होने से मुआवजा जारी नहीं हो सका।
गांव भिरड़ाना और माजरा क्षेत्र में गिरदावरी के बाद होने वाला अंतिम सत्यापन का काम अधूरा है। ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज डेटा का मिलान गिरदावरी से करना अनिवार्य है। जब तक एसडीएम और डीआरओ इस डेटा को सत्यापित कर मुख्यालय नहीं भेजते तब तक ट्रेजरी से राशि जारी नहीं की जा सकती।
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किसानों का इंतजार रहा अधूरा
जिले के 10 गांवों में मार्च में हुई ओलावृष्टि ने गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचाया था। किसान चांदीराम, हरबंश और भजनलाल का कहना है कि जिला प्रशासन को समय रहते सत्यापन का काम पूरा कर चाहिए था। समय पर आवेदन किया और गिरदावरी भी हुई, लेकिन जब अन्य जिलों के किसानों को पैसा मिल रहा है, तो हमें भी भुगतान किया जाना चाहिए।
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:: शनिवार और रविवार की छुट्टियों के दौरान लंबित कार्यों को निपटा लिया जाएगा। इसके बाद सोमवार तक सभी शेष किसानों के बैंक खातों में मुआवजा राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर कर दी जाएगी। जिले के बाकी गांवों के गिरदावरी और सत्यापन का काम पूरा करके रिपोर्ट सौंप दी गई है।
श्यामलाल, जिला राजस्व अधिकारी, फतेहाबाद।