संवाद न्यूज एजेंसी
रतिया। शहरी राइस मिलर एसोसिएशन ने मंडी से खरीदे जाने वाले धान के समान वितरण का फैसला लिया है। प्रत्येक मिलर को पहले 2000 मीट्रिक टन धान दिया जाएगा। सीधी ट्रॉली से धान शेलर में लेने पर 51 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। पर्ची गोशला के नाम से कटेगी।
एसोसिएशन ने मंगलवार को एमआर जिंदल राइस मिल में बैठक कर ये फैसले लिए। प्रधान मनोज जिंदल की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर के सभी राइस मिलर शामिल हुए। बैठक में यह भी तय हुआ कि मंडी से खरीदा जाने वाला धान सभी राइस मिलरों को बराबर मात्रा में मिलेगा। प्रत्येक मिलर को पहले 2000 मीट्रिक टन धान दिया जाएगा।
मात्रा पूरी होने पर उसका गेट पास बंद करवा दिया जाएगा। सभी मिलरों की 2000 मीट्रिक टन मात्रा पूरी होने के बाद ही आगे धान का आवंटन किया जाएगा। एसोसिएशन ने यह भी फैसला लिया कि कोई राइस मिलर सरकारी खरीद के लिए स्वयं मंडी नहीं जाएगा। संबंधित खरीद एजेंसी का इंस्पेक्टर सरकार के निर्धारित मापदंडों के अनुसार धान खरीदेगा।
17 प्रतिशत नमी तक की एफएक्यू गुणवत्ता वाली धान ही खरीदी जाएगी। खरीद के बाद धान संबंधित शेलरों में भेजा जाएगा। मिलरों ने कहा कि प्रशासन या खरीद एजेंसी की ओर से धान आवंटन में पक्षपात हुआ तो एसोसिएशन सामूहिक विरोध करेगी। सर्वसम्मत फैसलों का उल्लंघन करने वाले मिलर के खिलाफ प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दी जाएगी।
ऐसे उल्लंघन पर एसोसिएशन ने पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाने का भी निर्णय लिया है। एसोसिएशन ने जरूरत पड़ने पर समान धान आवंटन के लिए हाईकोर्ट जाने का फैसला भी लिया। बैठक में उपप्रधान संदीप गोयल, सचिव राज कुमार सिंगला, कोषाध्यक्ष श्रीपाल जिंदल, संरक्षक दर्शन गर्ग और प्रमुख सलाहकार सुरेश जिंदल सहित शहर के सभी राइस मिलर मौजूद रहे।