हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गांव समैन में रविवार को किसान आंदोलन को लेकर बस स्टैंड स्थित सामुदायिक केंद्र में विभिन्न गांवों की महापंचायत आयोजित हुई। महापंचायत में प्रदेश की 35 खाप पंचायतें पहुंची। महापंचायत में किसान आंदोलन को लेकर कोई ठोस रणनीति तो नहीं बन पाई, लेकिन 2 मार्च को उचाना के गांव पलवां में फिर से महापंचायत करने का फैसला लिया गया।
महापंचायत में नांगली, पिरथला, पारता, गाजुवाला, ठरवी, रत्ताखेड़ा, डांगरा, लोहाखेड़ा, बिढाई खेड़ा, कन्हड़ी, कमालवाला, बलियावाला, भीमेवाला, सुरेवाला, फरीदपुर सहित अन्य गांवों से काफी संख्या में किसान नेता तथा समैन-बिठमड़ा खाप के अलावा धूल खाप, सहारण खाप, लोन तपा, मोर खाप, दनौदा खाप, चहल खाप सहित 35 खाप पंचायतों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
किसान नेता बलवंत गिल व सरपंच एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रणबीर गिल के मुताबिक महापंचायत में निर्णय लिया गया कि इस मामले में पहले पंजाब के किसान संगठनों से बात करेंगे कि वह आंदोलन हरियाणा के किसानों के साथ मिलकर चलाना चाहते हैं या फिर अकेले।
अगर पंजाब के किसान संगठन उनके साथ होना चाहते हैं तो मिलकर आंदोलन चलाया जाएगा, अन्यथा हरियाणा के किसान अपना आंदोलन करेंगे। महापंचायत में फैसला किया गया कि 27 फरवरी को पहले दनौदा के ऐतिहासिक चबूतरे पर व उसके बाद 2 मार्च को उचाना खंड के गांव पलवां में किसान नेताओं व खाप प्रतिनिधियों की महापंचायत होगी।
उसी में आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। महापंचायत में जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन बलबीर सिंह बल्ली, पूर्व सरपंच सूबे सिंह गिल, किसान नेता जोगिंद्र नैन, कुलांराम गिल, कृष्ण गिल, डॉ. दलबीर सिंह पिरथला सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।