डाॅ. राजेश गोयल को हिरासत मे ले जाती पुलिस।
टोहाना (फतेहाबाद)। शहर के रेलवे रोड स्थित प्रकाश मिशन अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापे मारकर भ्रूण लिंग जांच के मामले का पर्दाफाश किया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने अस्पताल के संचालक डाॅ. राजेश गोयल व बिचौलिये को गिरफ्तार किया है। टीम ने अस्पताल में बने अल्ट्रासाउंड सेंटर को भी सील कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार अस्पताल में भ्रूण लिंग जांच करने की शिकायतें लगातार विभाग को दी जा रही थीं। फतेहाबाद के नायब तहसीलदार राजेश कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। स्वास्थ्य विभाग के जिला नोडल अधिकारी डाॅ. निरपाल सिंह ने जानकारी जुटाने के बाद रतिया की एक महिला को बोगस ग्राहक बनाकर रतिया के ही बिचौलिये के पास भेजा गया। दोनों में बातचीत के बाद 45 हजार रुपये में जांच के लिए सौदा तय हो गया था। देर रात महिला को अस्पताल ले जाकर अल्ट्रासाउंड करवाया गया।
नोडल अधिकारी डाॅ. निरपाल ने बताया कि बोगस ग्राहक के भ्रूण के लिंग की जांच होने के बाद सूचना मिलते ही टीम ने छापे मारे तो बिचौलिया और आरोपी संचालक मौके से जा चुके थे, फिर टीम ने उनका पीछा कर रास्ते से पकड़ा और अस्पताल में लाया गया। इस दौरान बोगस ग्राहक बनी महिला ने टीम के सामने बताया कि प्रकाश मिशन अस्पताल में उसका डाॅ. राजेश ने चेकअप और अल्ट्रासाउंड के बाद गर्भ में लड़की होना बताया। टीम के अनुसार आरोपी चिकित्सक ने कहा कि गर्भपात करवाना है तो 20 हजार में हो जाएगा। उसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया। पुलिस ने 45 हजार में से मौके से पांच हजार रुपये भी बरामद किए हैं।
मुझे गलत फंसाया गया है : डॉ. राजेश
अस्पताल संचालक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि टीम द्वारा मुझे गलत फंसाया जा रहा है। उनका इस मामले में कोई रोल नहीं है। उन्होंने कोई अल्ट्रासाउंड नहीं किया। उन्हें इस पूरी कार्रवाई के बारे में कोई जानकारी नही हैं, उन्हें किसी ने रुपये नहीं दिए हैं।