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Fatehabad News: डीसी साहब! गुरुजी की जनगणना में डयूटी, कैसे करेंगे पढ़ाई

Tue, 07 Apr 2026 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद में डीसी के सामने ​शिकायत रखते हुए छात्र व ग्रामीण स्त्रोत ग्रामीण
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फतेहाबाद। सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की गैर-शैक्षणिक कार्यों में ड्यूटी और खेल प्रतिभाओं की अनदेखी पर मंगलवार को भूथन कलां के ग्रामीणों व विद्यार्थी लघु सचिवालय में पहुंचे। उपायुक्त को दो अलग-अलग मांगों के ज्ञापन सौंपे गए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि बच्चों के भविष्य और खेल सुविधाओं से खिलवाड़ बंद नहीं हुआ तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
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इस दौरान बच्चों ने उपायुक्त से कहा कि साहब शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में लग रही है तो उनकी पढ़ाई कैसे होगी। हमारा सिलेबस अधूरा रह जाएगा। वहीं लघु सचिवालय में बच्चों और ग्रामीणों के पहुंचने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने पत्र जारी करके कहा कि जनगणना में ड्यूटी निरस्त करवाने के लिए कुछ कर्मचारी अनावश्यक हस्तक्षेप और प्रदर्शन करवा रहे हैं। कोई भी शिक्षक या उसके पक्ष में एसएमसी सदस्य ड्यूटी कटवाने के अनुरोध को लेकर सीधा उपायुक्त के पास नहीं जाएगा।

एसएमसी प्रधान ओमप्रकाश कुलडिय़ा के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भूथन कलां के अधिकांश शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगा दी गई है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। अभिभावक बच्चों के दाखिले के लिए आ रहे हैं लेकिन स्कूल में शिक्षक ही नहीं हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों में नामांकन कैसे बढ़ेगा।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि केवल जनगणना ही नहीं, बल्कि हर महीने शिक्षक 10 से 12 दिन ट्रेनिंग, फील्ड वर्क या बीएलओ ड्यूटी के कारण स्कूल से बाहर रहते हैं। उनकी मांग है कि शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी से तुरंत मुक्त कर अन्य विभागों के कर्मचारियों को तैनात किया जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। ग्रामीणों ने कहा कि शिक्षा के मंदिर खाली छोड़कर अध्यापकों को जनगणना में लगाना विद्यार्थियों के भविष्य के साथ मजाक है।

ज्ञापन लेने के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि शिक्षा विभाग से समन्वय कर जनगणना ड्यूटी की समीक्षा की जाएगी। इस अवसर पर शिक्षा समिति प्रधान कृष्ण ज्याणी, सह-सचिव ओमप्रकाश बिडलान, एसएमसी प्रधान ओमप्रकाश कुलडिय़ा, पवन भूथन, सूबे सिंह, ज्वाला सिंह सहित ग्रामीण और विद्यार्थी उपस्थित रहे।



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गोल्ड मेडल देने वाले गांव की अनदेखी पर रोष

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खेल नर्सरियों के आवंटन में भूथन कलां के साथ भेदभाव किया गया है। वर्ष 2025 में भूथन कलां को कबड्डी नर्सरी मिली थी। इसके परिणाम स्वरूप अंडर-14 राष्ट्रीय प्रतियोगिता में गांव के सरकारी स्कूल की नर्सरी ने स्वर्ण पदक जीता। जिले का कबड्डी में यह एकमात्र स्वर्ण पदक था। वर्ष 2026 के लिए पिछले हफ्ते जारी हुई सूची में भूथन कलां से कबड्डी नर्सरी को छीन लिया गया है। उनकी मांग है कि गांव में एथलेटिक्स और कबड्डी की खेल नर्सरियां आवंटित की जाएं।

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कुछ कर्मचारी ड्यूटी कटवाने के लिए एसएमसी, ग्राम पंचायतों या अन्य बाहरी व्यक्तियों के माध्यम से दबाव डलवा रहे है और उपायुक्त से सीधा संपर्क कर रहे हैं। जबकि जनगणना अधिनियम के तहत सौंपे गए कार्य को करना अनिवार्य है। बीईओ को निर्देश दिए गए है कि अपने क्षेत्र के स्कूल प्रिंसिपल और मुख्य शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दें कि अपने स्टाफ को सूचित करें कि किसी बाहरी व्यक्ति को शामिल कर प्रशासनिक प्रक्रिया में दबाव न डलवाएं। अगर कोई उल्लंघन करता है तो कार्रवाई के लिए निदेशालय को लिखा जाएगा।
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-संगीता बिश्नोई, जिला शिक्षा अधिकारी
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