फतेहाबाद। जिले में धान की कटाई का काम लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसके बाद अब किसान गेहूं की बिजाई कर रहे हैं। मगर गेहूं की बिजाई में किसानों को डीएपी खाद की जरूरत पड़ रही है। जिले के कुछ किसानाें को अभी तक डीएपी खाद नहीं मिल सकी है।
पिछले चार दिनों से जिले में डीएपी खाद का स्टॉक खत्म हो चुका है। दो दिन से एनपीके खाद का स्टॉक भी खत्म गया है। इसके चलते गेहूं की बिजाई प्रभावित हो रही है। जिले में डीएपी खाद की कुल मांग 25,000 मीट्रिक टन है। जिसमें से इस सीजन के लिए अक्तूबर माह से लेकर अब तक कुल 18,808 मीट्रिक टन का वितरण किया गया है। जिसके कारण अभी तक 75 प्रतिशत खाद का वितरण हो चुका है।
वहीं जिले में बुधवार को टीएसपी के 5000 बैग भेजे गए हैं। जिनका प्रयोग डीएपी खाद के स्थान पर प्रयोग किया जा सकता है। लेकिन किसान टीएसपी की खरीद बहुत कम कर रहे हैं। ऐसे में फतेहाबाद में स्थित में कृभको खाद केंद्र पर बुधवार को 1500 बैग टीएसपी खाद आई है। जिसमें से मात्र 500 बैगो का ही वितरण हो सका है।
खाद की किल्लत के चलते जिले में अभी तक मात्र 40 फीसदी के करीब ही गेहूं की बिजाई हो सकी है। किसान सतनाम सिंह ने बताया कि उनको 10 एकड़ में गेहूं की बिजाई करनी है, लेकिन उनकाे अभी तक मात्र 5 बैग ही डीएपी खाद मिल सकी है। गेहूं की बिजाई करने के लिए खेत को तैयार किया गया है। वहीं अब गेहूं की बिजाई का समय निकल रहा है। अगर एक सप्ताह तक बिजाई नहीं हुई तो गेहूं की बुवाई देरी हो जाएगी जिससे उत्पादन में कमी हो सकती है।
:: जिले में डीएपी खाद की 75 फीसदी मांग को पूरा कर दिया गया है। वहीं बुधवार को जिले में टीएसपी खाद भेजी गई है जो कि डीएपी खाद का विकल्प है। किसान डीएपी खाद के स्थान पर टीएसपी खाद के प्रति बैग में 20 किलोग्राम नाइट्रोजन मिलाकर गेहूं की बिजाई में प्रयोग कर सकते हैं।
-डॉ. राजेश सिहाग, कृषि उपनिदेशक, फतेहाबाद।