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Fatehabad News: सीएससी संचालक ने रिश्तेदारों के नाम पर कर दिया 100 एकड़ धान की फसल का फर्जी पंजीकरण

Sat, 08 Jul 2023 09:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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कुलां (फतेहाबाद)। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल में कुछ लोग सेंध लगाकर इस बार भी धान खरीद में घोटाला करने की फिराक में हैं। क्षेत्र में फर्जी धान पंजीकरण करने का मामला उजागर हुआ है। इसमें रतिया के गांव बादलगढ़ के सीएससी संचालक ने गांव रत्ताथेह के किसानों की 100 एकड़ से अधिक धान फसल का पंजीकरण अपने संबंधियों के नाम पर कर दिया गया। किसानों को इसकी जानकारी होने पर उन्होंने मामले की जांच कराई तो इसका खुलासा हुआ।
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इसको लेकर शनिवार को रत्ताथेह में तीन गांवों रत्ताथेह, रुपावाली व बादलगढ़ की पंचायत की गई। पंचायत में आरोपी सीएससी संचालक को भी बुलाया गया। पंचायत में लोगों के समक्ष सीएससी संचालक ने गलती का तर्क देते हुए धान पंजीकरण में फर्जीवाड़ा करने की बात को स्वीकार कर लिया, जबकि उसने इस मामले में अन्य लोगों के संलिप्त होने से इन्कार कर दिया। किसानों का कहना है कि सीएससी संचालक के मिलीभगत से ही इस कार्य को अंजाम दिया गया है। पंचायत में किसानों ने आरोपी सीएससी संचालक से इस घोटाले में शामिल लोगों के नाम उजागर करने को कहा, परंतु सीएससी संचालक ने अन्य लोगों के इसमें शामिल होने से मनाकर दिया। इस पर किसानों ने आरोपी सीएससी संचालक पर पुलिस में केस दर्ज करवाने की बात कही गई। मगर पंचायत में मौजूद गांव बादलगढ़ के सरपंच ने किसानों से एक दिन का समय लिया है।

ये है मामला
गांव रत्ताथेह निवासी किसान काका सिंह, जगदेव सिंह, केवल सिंह, लाभ सिंह, परगट सिंह, मिट्ठू सिंह, काला सिंह व बूटा सिंह आदि ने बताया कि उनकी जमीन पर खड़ी धान की फसल का दूसरे गांव के लोगों के नाम पंजीकरण कर दिया गया है। उन्हें इसकी जानकारी तब मिली, जब वह अपनी फसल का ऑनलाइन पंजीकरण करवाने गांव के सीएससी सेंटर पर गए। हमें बताया गया कि आपकी जमीन पर गांव रुपावाली के लोगों ने पंजीकरण करवा रखा है।
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पंजीकरण के लिए दिए नंबर मिले बंद, पंजीकृत लोगों का खेती से नहीं कोई वास्ता
किसानों ने बताया कि सीएससी सेंटर से जानकारी प्राप्त की तो पोर्टल में पंजीकरण के लिए जो मोबाइल नंबर दिए हुए थे, वह बंद पाए गए। इसके बाद किसान गांव रूपावाली के पंजीकृत नाम वाले लोगों के पास पहुंचे। जिन लोगों के नाम पर फर्जी ढंग से फसल पंजीकरण किया गया, वे लोग मजदूरी करते हैं और उनका खेती से कोई वास्ता नहीं है। इन पंजीकृत लोगों ने किसानों को बताया कि उन्होंने फसल का कोई पंजीकरण नहीं करवाया है। उन्होंने बताया कि गांव बादलगढ़ निवासी उनका दूर का एक रिश्तेदार सीएससी सेंटर चलाता है, वह उनसे क्रेडिट कार्ड बनाने की बात कहकर फैमिली आईडी व आधार कार्ड लेकर गया था। उसी सीएससी संचालक ने उनके नाम पर धोखाधड़ी की होगी।

मामला भड़कता देख सीएससी संचालक ने रद्द किए पंजीकरण
शनिवार को गांव रत्ताथेह में हुई पंचायत में शामिल हुए गांव बादलगढ़ के सीएससी संचालक ने माना कि उससे गलती से पंजीकरण दूसरे लोगों के नाम पर हो गए हैं। किसानों को पता लगने पर यह मुद्दा भड़कता देख सीएससी संचालक ने सभी पंजीकरण को रद्द कर दिया है।


अभी ऐसा मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। हालांकि, फसलों के पंजीकरण को लेकर किसानों को जागरूक होना पड़ेगा। किसान यह ध्यान रखें कि उनकी फसल का पंजीकरण सही हुआ है या नहीं।
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-डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि विभाग
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