अनाज मंडी व्यापार मंडल ने फैसला लिया है कि सरकार द्वारा हाल ही में पारित तीन अध्यादेशों के विरोध में सोमवार को अनाज मंडी के व्यापारी किसानों का साथ देते हुए 20 जुलाई को अनाज मंडी बंद रखेंगे। सोमवार सुबह 10 बजे सभी व्यापारी मंडी के अनुमान मंदिर में किसानों के साथ एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह जानकारी व्यापारी मंडल के सचिव रमेश तनेजा ने दी।
व्यापार मंडल अनाज मंडी के सचिव रमेश तनेजा ने कहा कि सरकार ने अभी तीन फैसले लिए हैं जो किसानों व आढ़तियों के विरोध में है। इन अध्यादेशों में वह पूंजीपतियों के गुलाम बनकर रह जाएंगे। किसानों व मंडियों का अस्तित्व ही खत्म हो जायेगा। इन अध्यादेशों में सरकार ने पूंजीपतियों को पूरी छूट दी है। जिसके विरोध में भारतीय किसान यूनियन प्रदेश व्यापारी हड़ताल करने जा रहा है। जिसे अनाज मंडी व्यापार मंडल ने पूरा समर्थन दिया है। अनाज मंडी के प्रधान सुभाष मुंजाल ने बताया कि 20 जुलाई को सुबह 10 बजे सभी व्यापारी अनाज मंडी के हनुमान मंदिर शैड में एकत्रित होंगे और किसानों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस मौके पर सुरेश बुढ़लाडिया, संतलाल मेहता, रमेश नागपाल, विजय कक्कड़ भी मौजूद थे।
क्या है अध्यादेश
भारतीय किसान यूनियन के अनुसार सरकार ने तीन अध्यादेश लागू किए हैं। जिनके अनुसार अब तक व्यापारी मंडियों में ही फसल खरीद सकता था। अब व्यापारियों को मंडियों के बाहर फसल खरीदने की छूट मिल जाएगी। जिससे कॉम्प्टीशन खत्म हो जाएगा और सरकार का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी खत्म हो जाएगा। पूंजीपति व्यापारी अपनी मर्जी से फसलों को खरीद ले जाएंगे। वहीं मंडियों का अस्तित्व भी खत्म हो जाएगा। इसके अलावा सरकार द्वारा अनाज, दालों, तेल, प्याज, आलू आदि को आवश्यक वस्तु अधिनियम से बाहर करके इसकी स्टॉक सीमा खत्म कर दी है। अब बड़े-बड़े उद्योगपति इसका स्टॉक कर मनमाने दाम वसूलेंगे। इसी तरह कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग के माध्यम से किसानों की खेती छुड़वाई जाएगी, जिससे किसानों का वजूद खत्म हो जाएगा।