गांव दहमन मे जलाएं गए धान की फसल के अवशेष।
फतेहाबाद। धान के अवशेष न जलाएं जाएं इसको लेकर प्रशासन जागरूकता के दावे कर रहा है लेकिन धरातल पर हालात ये है कि ऐसे मामले लगातार बढ़ रहे है। जिले में रविवार तक हरसेक के द्वारा कृषि विभाग के पास फसल अवशेष जलाने की 22 लोकेशन भेजी गई है। यह लोकेशन जिले के सभी क्षेत्रों से आ रही है।
वहीं जांच के दौरान 20 जगह फसल अवशेष जलाने की मिली है। इसके चलते कृषि विभाग अब तक 20 किसानों पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगा जा चुका है। अधिकारियों की माने तो रात के समय किसान पराली जला रहे हैं। हालांकि अभी भी जिले में करीब 3 लाख एकड़ के करीब धान की कटाई का काम बाकी है। ऐसे में आगामी समय भी कृषि विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा। फतेहाबाद में फसल के अवशेष जलाने की मिली सभी लोकेशन हरसेक की ओर से कृषि विभाग को भेजी भेजी जा रही है।
कृषि विभाग पराली जलाने वाले किसानों को लगातार जुर्माना भी कर रहा है। रविवार को दो किसानों को पांच हजार रुपये का जुर्माना किया गया। फतेहाबाद में पराली जलने के कारण एक्यूआई का स्तर पर भी रविवार को 95 दर्ज किया गया है। हालांकि शनिवार को एक्यूआई का स्तर 100 दर्ज किया गया था।
-फसल अवशेष जलने से रोकने के लिए कृषि विभाग को ओर पूरी कोशिश की जा रही है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार काफी कमी दर्ज हुई है। किसानों को पराली प्रबंध करने में सरकार का सहयोग करना चाहिए। अभी गेहूं की बिजाई में काफी समय शेष है। ऐसे में किसानों को फसल अवशेष न जलाकर पराली प्रबंधन की ओर ध्यान देना चाहिए।
-डॉ. राजपाल, तकनीकी सहायक कृषि एवं नियंत्रक विभाग, फतेहाबाद