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रिंकू अपहरण मामला.... सुबह अपहरणकर्ताओं ने मांगे एक करोड़, शाम होते-होते 10 लाख पर अटके

Mon, 25 Jul 2016 01:01 AM IST
fatehabad
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अपहरण - फोटो : file photo
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टोहाना रोड पर शनिवार को हुए ऑटो सेंटर मालिक सुरेंद्र उर्फ रिंकू के अपहरण के मामले में अपहरणकर्ताओं ने रविवार सुबह एक करोड़ रुपये देने की डिमांड रखी। लेकिन शाम होते-होते आरोपियों की मांग दस लाख पर आकर अटक गई। अपहरणकर्ताओं की मोबाइल लोकेशन के आधार पर सीआईए फतेहाबाद और भूना पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। वहीं, देर शाम तक मोबाइल फोन के सहारे ही रिंकू का अपने चाचा के साथ बातचीत का दौर चलता रहा। इसके बावजूद पुलिस अपहृत रिंकू का सुराग लगाने में नाकाम रही।
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यह है मामला
टोहाना रोड पर एक ऑटो सेंटर के मालिक 40 वर्षीय सुरेंद्र उर्फ रिंकू धींगड़ा शनिवार को अपनी दुकान में बैठे थे। दोपहर बाद उनकी दुकान के सामने एक कार आकर रुकी, जिसमें चार युवक सवार थे। एक युवक ने रिंकू को गाड़ी के पास बुलाया। रिंकू जैसे ही कार की पिछली खिड़की के पास आकर रुका तो युवक उसे जबरदस्ती कार में डालकर ले गए। घटना के प्रत्यक्षदर्शी सिरसा के गांव खेड़ी निवासी इंद्र सिंह ने रिंकू को जबरन गाड़ी में डालते हुए देख लिया था। घटनास्थल पर रिंकू की एक चप्पल भी रह गई थी। बच्चे ने ऑटो सर्विस सेंटर के महेंद्र शर्मा को सूचना दी, जिस पर परिवार के लोगों को अवगत करवाया गया। पुलिस एएसपी गंगाराम पूनिया, एसएचओ बिमला देवी, सीआईए इंचार्ज अनूप सिंह, कृष्ण कुमार रूपाणा आदि ने मौके पर पहुंचकर अपहरणकर्ताओं की तलाश शुरू की। लेकिन 24 घंटे बाद भी अपहरणकर्ताओं तक पुलिसन नहीं पहुंच पाई है।

पुलिस ने अपहरण का साजिशकर्ता महम निवासी पवन कुमार अरोड़ा के रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। रिश्तेदारों को हिरासत में लेने के बाद अपहरणकर्ताओं ने रिंकू के चाचा नरेंद्र उर्फ बाबा से एक करोड़ रुपये की डिमांड रखकर सुरेंद्र का छोड़ने की बात कही। दोपहर केा 50 लाख रुपये मांगे गए। रविवार शाम चार बजे तक अपहरणकर्ता दस लाख रुपये पर आकर अटक गए। दिनभर चले घटनाक्रम के बावजूद पुलिस आरोपियों का पता नहीं लगा पाई। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के बार-बार ठिकाना बदलने के कारण परेशानी हो रही है।
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यह है अपहरण का कारण
अपहृत रिंकू के चाचा नरेंद्र उर्फ बाबा ने महम में प्रॉपर्टी तेजी के दौरान पवन कुमार व भीषण के साथ मिलकर कारोबार शुरू किया था। इसमें पवन कुमार ने जमीन खरीद के दौरान एक करोड़ 80 लाख रुपये की राशि देकर प्रॉपर्टी में पार्टनरशिप की थी। नरेंद्र उर्फ बाबा ने मात्र 13 महीनों में पवन कुमार को 4 करोड़ 10 लाख रुपये मुनाफा देकर उसे प्रॉपर्टी से बाहर कर दिया था। लेकिन पवन कुमार उक्त भूमि में छह करोड़ रुपये का और लेन-देन होने को लेकर नरेंद्र के साथ रंजिश रख रहा था। नरेंद्र ने उक्त जमीन में से 22 एकड़ जमीन अपने भतीजे सुरेंद्र उर्फ रिंकू और भाभी ईश्वर देवी के नाम कर दी। बताया गया है कि ईश्वर देवी के अध्यापक रिटायरमेंट के दौरान मिली राशि नरेंद्र को दी थी।

यह जमीन महम में राष्ट्रीय राजमार्ग पर है, जहां अब फोरलेन बन रहा है। जमीन का मुआवजा करोड़ों रुपये में आने के कारण पवन नामक व्यक्ति ने सुरेंद्र उर्फ रिंकू का अपहरण करने की योजना बना ली। पुलिस ने शनिवार देर रात अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया था।

क्या कहती हैं एसएचओ
भूना एसएचओ बिमला देवी ने बताया कि मामला प्रॉपर्टी में पार्टनरशिप से जुड़ा हुआ है। करोड़ों रुपये का आपसी लेन-देन को लेकर विवाद जुड़ा होने का मामला सामने आया है। महम निवासी पवन का नरेेंद्र उर्फ बाबा के साथ कुछ लेन-देन होने के पहलु को लेकर पुलिस जांच कर रही है। रिंकू की मोबाइल फोन से अपहरणकर्ताओं ने उसके चाचा नरेंद्र उर्फ बाबा से एक करोड़ रुपये की डिमांड रखी है, लेकिन शाम तक वे 10 लाख रुपये पर आ गए। जल्द ही मामला सुलझा लिया जाएगा।
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