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गांव ढाणी भोजराज में जाटों की महापंचायत में जुटे 25 गांवों के लोग

Fri, 11 Mar 2016 12:41 AM IST
fatehabad/bureau
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जाट आंदोलन के दौरान दर्ज हुए केस 72 घंटों में खारिज हों, नहीं तो पुन: आंदोलन होगा। यह बात जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष सूबेसिंह ढाका ने गांव ढाणी भोजराज में जाटों की महापंचायत में संबोधित करते हुए कही। महापंचायत में करीब 25 गांवों के सैकड़ों जाट समुदाय के लोगों ने शिरकत की। महापंचायत में जाट आरक्षण के दौरान मारे गए लोगों की आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
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ढाका ने कहा कि जाट आरक्षण में दर्ज हुए मुकदमे तुरंत प्रभाव से खारिज होने चाहिए तथा पुलिस द्वारा की जा रही धर-पकड़ पर अंकुश लगना चाहिए। उन्होंने बताया कि पुलिस लगातार क्षेत्र में निर्दोष लोगों को गिरफ्तार करके जेल में ठोक रही है। जिसको किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जाटों का आरक्षण देने के लिए विधान सभा में विधेयक को मंजूरी देनी चाहिए।

ढाका ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो प्रदेश में पुन: आंदोलन का बिगुल बज जाएगा। उन्होंने बताया कि 14 मार्च को प्रदेशभर में जिला हैड क्वाटरों पर उपायुक्तों के माध्यम से प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इस अवसर पर समिति के प्रदेश महा सचिव महेंद्र सिंह पूनिया, प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक, जिलाध्यक्ष बलवान लंबोरिया, सुरेश पंच जांडली कलां, सुनील कुमार, कृष्ण लंबोरिया, अजय कुमार गोदारा, कृष्ण कुमार झांझड़ा, वजीर सिंह  नहला, मोनू, रामकुमार, हवा सिंह, बलजीत सिंह, राजेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, नरेशकुमार, सतबीर सिहाग आदि भी मौजूद थे।
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सैनी रहे निशाने पर
महापंचायत में भाजपा के सांसद राजकुमार सैनी व पूर्व विधायक रोशन लाल आर्य जाट वक्ताओं के निशाने पर रहे। उन्होंने दोनों ही नेताओं पर समाज को बांटने का आरोप लगाया तथा आंदोलन में भड़काने के लिए उन पर ही निशाना साधा। प्रदेशाध्यक्ष ढाका ने कहा कि जाट आंदोलन शांति पूर्वक ढंग से चल रहा था। लेकिन सरकार की नाकामी की वजह से प्रदेश में हिंसा एवं दंगे हुए।

पुलिस तंत्र था सक्रिय
ढाणी भोजराज में जाट महापंचायत को लेकर भूना पुलिस स्टेशन में विशेष रिजर्व तैनात थी। महापंचायत में पुलिस व गुप्तचर विभाग के कर्मचारी पल-पल की जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंचा रहे थे। व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट औमप्रकाश, डीएसपी विजय सिंह जाखड़, एसएचओ रामसिंह  इत्यादि तैनात थे। पुलिस स्टेशन में एसपी ओपी नरवाल ने एक रिजर्व अतिरिक्त पुलिस दल भी भूना में तैनात कर दिया था।

गिरफ्तारियों से डरे हुए है जाट
गांव गोरखपुर में सहकारी बैंक व उपतहसील भूना में आग लगाने के मामले में आरोपियों को पकड़ने में पुलिस की कार्रवाई पिछले एक सप्ताह से व्यापक स्तर पर चल रही है। जिससे गांव नहला, जांडली कलां, गोरखपुर, ढाणी भोजराज के मामले में नामित जाट समाज के लोग गिरफ्तारियों को लेकर भयभीत हैं।

जिसके कारण 10 मार्च को आयोजित महापंचायत में मुकदमे में शामिल गांव के लोग ही अधिक मात्रा में आए थे। महापंचायत में जाट समुदाय के लोगों ने कहा कि पुलिस लगातार गांव में धरपकड़ कर रही है। जिससे कई युवा घरों में सोने से भी डरते हैं। इसलिए पुलिस की कार्रवाई को यथाशीघ्र बंद करवाना चाहिए।
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