गांव जमालपुर शेखां में एक युवक का अपहरण कर उसके मर्डर का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले में टोहाना सदर पुलिस के स्तर पर भी बड़ी लापरवाही की बात भी कही जा रही है। जानकारी के अनुसार जिस युवक का मर्डर हुआ, उसने सदर पुलिस के सामने अपनी जान को लेकर खतरा बताया था लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की।
जानकारी के अनुसार गांव जमालपुर शेखां के रहने वाले युवक सुनील (22) के घर के बाहर कुछ अराजक गुरलाल, दीप व बिंद्र आदि अक्सर नशा करते थे। सुनील ने कई बार इन बदमाशों को घर के बाहर नशा करने से रोका था। आरोप है कि ये बदमाश इसी बात की रंजिश सुनील से रखे हुए थे। मृतक की मां ने बताया कि दो दिन पहले भी बदमाशों का सुनील से नशा करने से रोकने को लेकर झगड़ा हुआ था। इसके बाद अगली सुबह वो बदमाश जबरदस्ती उसके घर में आ घुसे और सुनील की तलाश करने लगे। लेकिन सुनील उस वक्त घर में नहीं था तो बच गया।
इस बात का पता चलते ही सुनील ने अगली सुबह ही टोहाना सदर थाने में जाकर शिकायत दर्ज करवाई कि उसे इन आरोपियों से जान का खतरा है, लेकिन पुलिस ने उसकी बात को अनसुना कर दिया। जैसे ही वो बस अड्डे पर उतरा, वहां पर पहले से मौजूद गुरलाल, बिंद्र आदि ने उसे उठाकर खनोरा में सुखबीर के ट्यूबवेल पर ले गए। वहां शराब पीकर सुनील को इतना मारा कि उसने दम तोड़ दिया।
वहीं अपहरण के बाद सुनील की मां व भाई अनिल शाम को थाने पहुंचे और बताया कि उनका बेटा लापता है और उक्त आरोपी उसे उठा कर ले गए हैं। आरोप है कि इस पर भी पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। सोमवार देर रात को पुलिस हरकत में आई और गुरपाल, बिन्द्र व दीप को घर से उठा लाई। पुलिस पूछताछ में गुरपाल ने कबूल लिया कि सुनील की मौत हो गई है। सुनील की लाश को कट्टे में डालकर उनके दो साथी सुखबीर आदि सुनसान स्थान पर फेंकने गए हैं। सुनील की मां और बहन का आरोप है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो उनके बेटे को बचाया जा सकता था। पुलिस शव को लेकर गए युवकों की तलाश कर रही है। सुनील का शव ना मिलने के चलते फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों पर मारपीट व अपहरण का मामला दर्ज किया है।
पुलिस की लापरवाही मिली तो जांच के बाद करेंगे कार्यवाही : एसपी
पुलिस पर लगाए गए लापरवाही के आरोपों के बारे में एसपी कुलदीप सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी इस मामले की जांच चल रही है। अगर जांच में पुलिस की ओर से भी लापरवाही की बात आई तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्यवाही होगी। फिलहाल पहली प्राथमिकता मामले को सुलझाने की है।