हादसे के बाद बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त
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नन्हेड़ी गांव के बस अड्डे पर एक कार सवार बस का इंतजार कर रही एक महिला व बच्चे को टक्कर मारकर मौके से रतिया की ओर फरार हो गया। हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका बेटे सोनू को हलकी चोटें आई हैं। हादसे के बाद दो घंटे तक पुलिस के मौके पर न पहुंचने से गुस्साए लोगों ने गांव नन्हेड़ी के बस स्टैंड के पास जाम लगा दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। जिसके चलते रतिया से टोहाना जाने वाला रास्ता काफी देर तक बाधित रहा।
बाद में नायब तहसीलदार रमेश कुमार व टोहाना सदर थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने घटनास्थल पर पहुंच कर ग्रामीणों को आश्वासन दिया तब जाकर ग्रामीणों ने जाम खोला दिया। उधर रतिया में आरोपी कार चालक की कार तो रतिया बाजार में रोक ली गई, लेकिन आरोपी कार चालक मौके से फरार हो गया।
जानकारी के अनुसार नन्हेड़ी बस अड्डे पर अपने मायके आई हुई 35 वर्षीय महिला सुमन रानी दवीरवार सुबह अपने ससुराल जाने के लिए गांव बिलासपुर ढाणी जाने के लिए बस के इंतजार में अपने बेटे सोनू के साथ खड़ी थी। इस बीच कुलां की तरफ से तेज गति से आती कार ने उसको टक्कर मार दी। टक्कर से सुमन रानी उछल कर कई फुट दूर जा गिरी। उसके बेटे सोनू के शोर मचाने पर आस पास के लोगों ने सुमन रानी को संभाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस हादसे के बाद कार चालक कार को रतिया की तरफ भगा कर ले गया। ग्रामीणों ने उसका पीछा कर कार को रतिया बाजार में रोक लिया। लेकिन कार चालक बाजार की भीड़ का फायदा उठाकर भाग गया। ग्रामीणों ने कार को रतिया पुलिस के हवाले कर दिया।
ग्रामीण मनोज कुमार, महेंद्र सिंह, बंता सिंह, सुखदेव सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटना के तुरंत बाद पुलिस को घटना के बारे में सूचित कर दिया गया था, लेकिन पुलिस टीम मौके पर घटना के दो घंटे तक नहीं पहुंची तो लोगों को जाम लगाना पड़ा। जाम लगने के बाद कुलां चौकी प्रभारी भाल सिंह मौके पर पहुंचे लेकिन ग्रामीणों ने उनकी नहीं सुनी। बाद में मौके पर पहुंचे टोहाना सदर प्रभारी प्रदीप कुमार एवं नायब तहसीलदार रमेश कुमार ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत करवाया और जाम खुलवाया। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर टोहाना के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के लिए भेज दिया।