निकटवर्ती गांव पिलछियां में आठवीं के फर्जी दस्तावेज लगाकर सरपंच बनने के मामले में अदालत के आदेश पर रतिया पुलिस ने मंगलवार को निलंबित सरपंच और उसके पति सहित एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है।
पिलछियां निवासी हारी हुई सरपंच प्रत्याशी रमनप्रीत कौर ने जिला उपायुक्त को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि गांव में जनवरी-2016 में सरपंच पद के चुनाव हुए थे और सरकार ने महिला प्रत्याशी और अनुसूचित जाति के उम्मीदवार के लिए आठवीं पास योग्यता निर्धारित की थी, लेकिन सरपंच प्रत्याशी वीरपाल कौर ने आठवीं कक्षा के फर्जी दस्तावेज लगाकर चुनाव जीत लिया। जबकि वह चौथी पास ही हैं।
रमनप्रीत कौर की शिकायत पर उपायुक्त ने डीडीपीओ राजेश खोथ को जांच के निर्देश दिए। डीपीपीओ राजेश खोथ ने जांच में पाया कि वीरपाल कौर जीपीएस नागपुर से चौथी कक्षा के बाद आठवीं कक्षा का फर्जी स्थानांतरण पत्र तैयार करा लिया। जांच में सामने आया कि जिस एसएलडी इंटर कालेज से आठवीं का स्थानांतरण पत्र तैयार कराया है, वह साल-2011 में ही स्थापित हुआ था और स्थानांतरण पत्र पर अधिकारियों के हस्ताक्षर भी फर्जी हैं।
इस जांच के बाद उपायुक्त ने 25 मई की जांच रिपोर्ट के आधार पर कुछ समय पूर्व पिलछियां की सरपंच वीरपाल कौर को निलंबित कर दिया गया था। बाद में हारी हुई प्रत्याशी रमनप्रीत कौर ने कोर्ट में याचिका दायर कर वीरपाल कौर के खिलाफ फर्जीवाड़ा करने के मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई थी। अदालत ने तथ्यों के आधार पर वीरपाल कौर, उसके पति जीवन और एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए।
अदालत के निर्देशों के बाद मंगलवार को पुलिस ने आरोपी निवर्तमान महिला सरपंच वीरपाल कौर सहित उसके पति जीवन व एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।