सुरेंद्र असीजा। शहर के प्रतिष्ठित पंजाबी सभा अस्पताल के संचालन में लाखों रुपये के घपले का पर्दाफाश हुआ है। इस घपले में पंजाबी सभा अस्पताल की पूर्व संचालन कमेटी को संलिप्त माना जा रहा है। पंजाबी सभा से जुड़े अंदरूनी सूत्रों की मानें तो चंद्रभान मुंजाल की अध्यक्षता वाली पूर्व कमेटी ने इस मामले में एडहॉक कमेटी के सामने अपनी गलती मान भी ली है। हालांकि चंद्रभान मुंजाल इससे साफ इंकार कर रहे हैं। एडहॉक कमेटी ने अब इस मामले की सोसाइटी रजिस्ट्रार एवं पुलिस अधीक्षक ओपी नरवाल को घोटाले के दस्तावेज सौंपकर कार्यवाही की मांग भी कर दी है। एडहॉक कमेटी के सदस्य एवं पंजाबी सभा के संरक्षक हरबंस लाल वढेरा और संस्थापक सदस्य ओमप्रकाश सरदाना ने इस घोटाले की पुष्टि भी की है।
एक साल के रिकॉर्ड में ही 18 लाख का हेरफेर, छह साल की होगी जांच
एडहॉक कमेटी सदस्य हरबंस लाल वढ़ेरा की मानें तो एडहॉक कमेटी ने पंजाबी सभा अस्पताल की आय से संबंधित जांच के लिए एक चार सदस्यीय कमेटी बनाई थी, जिसमें चेयरपर्सन एडी बजाज, संस्थापक सदस्य हरबंस लाल वढ़ेरा, पंजाबी सभा अस्पताल के लिए जमीन देने वाले ओमप्रकाश सरदाना, मोहन लाल जुनेजा एवं सुरेंद्र मुखी शामिल थे। इस कमेटी ने अभी पंजाबी सभा अस्पताल की आय के एक साल का ही रिकार्ड जांचा है जिसमें कमेटी को 18 लाख रुपये के हेरफेर मिला है। कमेटी सदस्यों की मानें तो उन्हें पंजाबी सभा अस्पताल का संचालन करने वाली पूर्व कमेटी के लगभग छह साल के कार्यकाल की जांच की जाए तो ये घपला और भी बढ़ा हो सकता है। उन्होंने बताया है कि पूर्व अध्यक्ष चंद्रभाल मुंजाल के कार्यकाल के दौरान सभी रिकार्ड की जांच की जाएगी।
अस्पताल से जुड़े प्रत्येक विभाग में मिला घपला
जांच कमेटी के अनुसार पंजाबी सभा अस्पताल से जुड़े प्रत्येक विभाग में घपले की बात सामने आई है। इसमें ओपीडी फीस, लैब फीस, ईएनटी, डेंटल विभाग, डिस्चार्ज पेपर, डिस्चार्ज रजिस्टर, पंजाबी सभा अस्पताल को मिले दान की रसीदों में फर्क, स्टाफ की सैलरी में हेरफेर शामिल है। 2015-16 के रिकार्ड की जांच में सामने आई इन सभी राशि को जोड़ने से घपले की कुल रकम 17 लाख 71 हजार 328 रुपये बनती है।
रसीद बुक में पुराने दानदाताओं के नामों को हटाकर जोड़ दिए नए नाम
एडहॉक कमेटी की जांच कमेटी के सदस्य हरबंस लाल वढेरा ने बताया कि चंद्रभान मुंजाल की अध्यक्षता वाली पूर्व कमेटी ने पंजाबी सभा की दान रसीद बुक में भी कई हेरफेर किए हैं। वढेरा की मानें तो पूर्व कमेटी ने पंजाबी सभा अस्पताल को दान देने वाले सदस्यों के नामों में भी हेरफेर किया गया हैै। इसको लेकर भी शिकायत दर्ज करवाई गई है।
पूर्व कमेटी अध्यक्ष सहित कइयों पर पहले भी दर्ज हो चुका है रिकार्ड से छेड़खानी का मुकदमा
पंजाबी सभा अस्पताल की पुरानी कार्यकारिणी के नंदलाल एवं चंद्रभान मुंजाल पर पंजाबी सभा अस्पताल के रिकार्ड से छेड़खानी, गबन करने एवं फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में इसी साल अप्रैल में भी मामला दर्ज हो चुका है।
मुझ पर लगे आरोप बेबुनियाद : मुंजाल
इस बारे में जब पंजाबी सभा अस्पताल कमेटी के पूर्व अध्यक्ष चंद्रभान मुंजाल से बात की गई तो उन्होंने अपने एवं पूर्व कार्यकारिणी पर लगे सभी आरोपों को खारिज करते कहा कि अस्पताल में हेरफेर के मामले में अस्पताल स्टाफ की मिलीभगत पाई गई थी। उन्होंने कहा कि एडहॉक कमेटी ने भी उनके सामने माना था कि इस मामले में अस्पताल स्टाफ का रोल था, मैनेजमेंट का नहीं। मुंजाल ने कहा कि इस मामले में हम एसपी साहब से भी मिले थे, एक-दो दिन में उनको अपना लिखित बयान दर्ज करा देंगे।
एडहॉक कमेटी ने आगे एक कमेटी बनाकर 2015-16 के रिकार्ड की जांच की तो उसमें तकरीबन 18 लाख का घपला मिला है। अगर पूरे छह साल की जांच की जाए तो घपले की राशि बढ़ सकती है। इसलिए एसपी साहब को भी ज्ञापन दिया है कि हमें छह साल का रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए और इस मामले में कार्यवाही की जाए।
-हरबंस लाल वढेरा, संरक्षक पंजाबी सभा, फतेहाबाद।
मैंने इस अस्पताल के लिए 70 मरले जमीन दान दी थी। बाद में मुझे पता चला कि इस जमीन को किसी और के नाम कराने की कोशिश की जा रही है। एडहॉक कमेटी ने जांच की है तो अस्पताल के एक साल के रिकॉर्ड में ही काफी हेरफेर मिला है।
ओमप्रकाश सरदाना, संरक्षक एवं संस्थापक सदस्य, पंजाबी सभा ।