जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल एवं उनकी टीम ने शुक्रवार को जिले के तीन गांवों में छापे मारे और एक ही दिन में तीन बाल विवाह रुकवाए। रेखा अग्रवाल ने बताया कि धांगड़ में उन्हें एक लड़का और लड़की के नाबालिग उम्र में ही शादी करने की सूचना मिली थी। इस पर कार्यवाही करते हुए जब वे गांव में पहुंचे तो गांव में रवि (परिवर्तित नाम) और सुनीता (परिवर्तित नाम) दोनों की शादियां अलग-अलग घरों में होनी थी। मौके पर पहुंचकर जब टीम ने दोनों के उम्र से संबंधित दस्तावेज मांगे तो लड़का और लड़की दोनों के परिवार उस समय दस्तावेज नहीं दिखा सके। लेकिन उन्होंने दोनों को बालिग बताया। इस पर जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल ने लड़का और लड़की के परिजनों केा शनिवार सुबह तक दस्तावेज प्रस्तुत करने के आदेश दिए। अगर शनिवार सुबह तक दोनों के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं हो पाते तो ये शादियां नहीं हो सकेंगी।
इसके अलावा गांव मल्हड़ से भूथनकलां में पहुंची दो भाइयों के बारात में भी उस समय रंग में भंग पड़ गया जब जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल एक शिकायत के आधार पर शादी में जा पहुंची। उन्हें शिकायत मिली थी कि विवाह के लिए पहुंचे दोनों दूल्हे नाबालिग हैं। रेखा अग्रवाल ने जब दोनों के दस्तावेज जांचे तो उसमें बड़ा लड़का सुरेंद्र बालिग निकला लेकिन छोटा लड़का रवि नाबालिग निकला। इस पर रेखा अग्रवाल एवं उनकी टीम ने सुरेंद्र की शादी को हरी झंडी दे दी जबकि रवि की शादी रुकवा दी।
इसी तरह रतिया ब्लॉक के गांव सहनाल में भी रविवार को एक लड़के की शादी होनी थी लेकिन इससे पहले ही रतिया एसडीएम के पास युवक के नाबालिग होने की सूचना पहुंच गई। इस पर रतिया एसडीएम पूजा चावरियां ने जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल को इस मामले में कार्यवाही के निर्देश दिए। गांव पहुंची रेखा अग्रवाल ने जब दूल्हे के उम्र से संबंधित दस्तावेज जांचे तो युवक की उम्र कम निकली। इस पर उन्होंने उक्त युवक की शादी भी रुकवा दी।
इस बारे में बात करने पर जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को चार शादियों में नाबालिग लड़का या लड़की होने की खबर थी जिस पर कार्यवाही करते सहनाल में शादी रुकवा दी गई है। गांव भूथनकलां में बड़े भाई की शादी करवाई जबकि छोटे भाई की रुकवाई गई है। इसी तरह धांगड़ के मामले में दोनों के परिजनों को शनिवार तक दस्तावेज जमा करवाने को कहा गया है।