जाट आरक्षण के दौरान भूना तहसील को आग लगाने के एक आरोपी की जमानत याचिका अदालत ने नामंजूर कर दी है। आरोपी सुधीर कुमार ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार ढाण्डा की अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि इस मामले के दो अन्य आरोपियों पवन उर्फ पौना व बलवान सिंह एवं राकेश की जमानत मिल चुकी है। इसलिए उसी आधार पर जमानत लेने का उसे भी हक है।
पुलिस ने सुधीर कुमार की जमानत याचिका का विरोध करते कहा कि सह अभियुक्तों के आरोपों और सुधीर पर लगे आरोपों में भिन्नता है। सुधीर पर लगे आरोप गंभीर किस्म के हैं।
पुलिस ने यह भी कहा कि इस मामले में सह अभियुक्तों से पूछताछ बाकी है व कुछ अभियुक्तों की गिर तारी भी बकाया है।
अदालत ने हा कि पुलिस ने इस मामले में जमानत का लाभ लेने वाले आरोपियों की याचिका का विरोध भी नहीं किया था लेकिन सुधीर पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते पुलिस ने जमानत याचिका का विरोध भी किया है। इसलिए अदालत सुधीर की जमानत याचिका नामंजूर की जाती है। मालूम हो कि लगभग 2 दर्जन से ज्यादा लोगों के विरुद्ध 21 फरवरी को धारा 147, 148, 149, 341, 427, 188, 436, 120-बी व सार्वजनिक संपत्ति नुकसान अधिनियम की धारा 3, 4 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।