फतेहाबाद जिले के गांव समैण से बच्चों को उठाने वाले गिरोह ने एक नन्ही बच्ची को टॉफी देकर अगवा करने की कोशिश की। लेकिन समय रहते ग्रामीण को इसकी भनक लग गई और आरोपियों की धुनाई कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपियों की पहचान जाखल निवासी जंगीराम, श्रवण व सतपाल के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि उक्त गिरोह के सदस्य गांवों में घरों से भीख मांगने के नाम पर बच्चों को बहला फुसला कर उठा ले जाते थे।
खुद भीख मांगने के बहाने आए थे आरोपी
शुक्रवार दोपहर लगभग एक बजे तीन लोग गांव समैण में घर-घर जाकर आटा व अन्य खाने पीने की वस्तुएं भीख के रूप में मांग रहे थे। उसी दौरान बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। उक्त लोगों की नजर गांव के ही जगदीश के घर के बाहर खेल रही तीन साल की बच्ची काफी पर पड़ी। आरोप है कि आरोपियों ने उक्त बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने के लिए पहले उसे एक टॉफी दी। उसके बाद दस रुपये का नकली नोट दिखाकर गोद में उठा लिया व बस स्टैंड की ओर चल पडे़।
इस दौरान बच्ची की मां रितु बाहर बच्ची को देखने आई। बाहर बच्ची को न पाकर उसने आसपास तलाश की। उसकी नजर बस स्टैंड की ओर जा रहे तीनों बदमाशों पर पड़ी, जिनकी गोद में उसकी बच्ची थी। रितु ने शोर मचा दिया और भागकर एक आरोपी को पकड़ लिया। इससे बौखलाए एक आरोपी ने बच्ची को रितु की ओर फेंक कर भागने की कोशिश की, लेकिन आस पास के लोगों ने उन्हें काबू कर उनकी धुनाई कर दी। बाद में पुलिस को बुलाकर आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
गांव समैण से बच्चों को उठाने वाले गिरोह ने एक नन्ही बच्ची को टॉफी देकर अगवा करने की कोशिश की। लेकिन समय रहते ग्रामीण को इसकी भनक लग गई और आरोपियों की धुनाई कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपियों की पहचान जाखल निवासी जंगीराम, श्रवण व सतपाल के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि उक्त गिरोह के सदस्य गांवों में घरों से भीख मांगने के नाम पर बच्चों को बहला फुसला कर उठा ले जाते थे।
खुद भीख मांगने के बहाने आए थे आरोपी
शुक्रवार दोपहर लगभग एक बजे तीन लोग गांव समैण में घर-घर जाकर आटा व अन्य खाने पीने की वस्तुएं भीख के रूप में मांग रहे थे। उसी दौरान बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। उक्त लोगों की नजर गांव के ही जगदीश के घर के बाहर खेल रही तीन साल की बच्ची काफी पर पड़ी। आरोप है कि आरोपियों ने उक्त बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने के लिए पहले उसे एक टॉफी दी। उसके बाद दस रुपये का नकली नोट दिखाकर गोद में उठा लिया व बस स्टैंड की ओर चल पडे़।
इस दौरान बच्ची की मां रितु बाहर बच्ची को देखने आई। बाहर बच्ची को न पाकर उसने आसपास तलाश की। उसकी नजर बस स्टैंड की ओर जा रहे तीनों बदमाशों पर पड़ी, जिनकी गोद में उसकी बच्ची थी। रितु ने शोर मचा दिया और भागकर एक आरोपी को पकड़ लिया। इससे बौखलाए एक आरोपी ने बच्ची को रितु की ओर फेंक कर भागने की कोशिश की, लेकिन आस पास के लोगों ने उन्हें काबू कर उनकी धुनाई कर दी। बाद में पुलिस को बुलाकर आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
ग्रामीणों ने आरोपियों को पकड़ कर गांव के मंदिर में ले गए। पुलिस के आने से पहले उन्होंने ग्रामीणों के सामने माना कि उन्होंने बच्ची को उठाने की कोशिश की। वे बच्ची से भीख मंगवाकर अपना खर्च चलाना चाहते थे। आरोपियों के खुलासे के बाद गुस्साए लोगों ने एक बार फिर से उनकी धुनाई शुरू कर दी। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने ले गई।
क्या कहते हैं सदर थाना प्रभारी
थाना सदर प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि इस मामले में गांव समैण से बच्ची की माता की शिकायत आई है। इसके आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बच्ची को बहला-फुसलाकर अगवा करने की कोशिश के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
ग्रामीणों ने आरोपियों को पकड़ कर गांव के मंदिर में ले गए। पुलिस के आने से पहले उन्होंने ग्रामीणों के सामने माना कि उन्होंने बच्ची को उठाने की कोशिश की। वे बच्ची से भीख मंगवाकर अपना खर्च चलाना चाहते थे। आरोपियों के खुलासे के बाद गुस्साए लोगों ने एक बार फिर से उनकी धुनाई शुरू कर दी। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने ले गई।
क्या कहते हैं सदर थाना प्रभारी
थाना सदर प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि इस मामले में गांव समैण से बच्ची की माता की शिकायत आई है। इसके आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बच्ची को बहला-फुसलाकर अगवा करने की कोशिश के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।