होली के दिन स्थानीय मसीत वाले इलाके के दो युवकों से पुलिस की कहासुनी हो गई। पुलिस ने आवारागर्दी की आशंका के चलते युवकों की पकड़कर पिटाई कर दी। बाद में पुलिस की कार्रवाई से गुस्साए कालोनीवासियों ने थाने में पहुंचकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इस पर मौके पर पहुंचे सिटी एसएचओ सुरेंद्र कंबोज ने मामले को संभाला और कॉलोनीवासियों के सामने खेद प्रकट कर मामले को ठंडा कर दिया।
दरअसल होली वाले दिन हुड़दंग रोकने के लिए गश्त पर निकले कुछ पुलिसकर्मियों ने मसीत वाले इलाके में एक घर के पास डीजे चलने की सूचना मिले पर वहां मिले दो युवकों को पकड़ लिया और कथित तौर उनकी पिटाई कर दी। बताया गया है कि मामले की सूचना मिलते ही वार्ड के पार्षद सतीश चराईपौत्रा, अन्य पार्षद नरेश बजाज किट्टू, प्रमोद ग्रोवर डबली एवं राकेश गंभीर सैकड़ों कॉलोनीवासियों के साथ सिटी थाने पहुंचे। गुस्साए कॉलोनीवासियों ने पुलिस की पिटाई के विरोध में सिटी थाने में नारेबाजी शुरू कर दी। इतनी संख्या में कॉलोनीवासियों को सिटी थाने में देखकर पुलिस अधिकारियों के होश फाख्ता हो गए। बाद में मौके पर पहुंचे सिटी एसएचओ सुरेंद्र कंबोज ने स्थिति को संभाला और मौके की नजाकत को देखते हुए उपस्थित लोगों के सामने युवकों की पिटाई के लिए खेद जताया।
नागपाल बंधुओं की पिटाई मामले में निलंबन और ट्रांसफर झेल चुके दो एसएचओ
नगर परिषद चुनाव के दिन नहर कॉलोनी में फर्जी वोटिंग का आरोप लगाने वाले नागपाल बंधुओं को पीटने के आरोप तत्कालीन सीआईए प्रभारी दलीप सिंह एवं सिटी एसएचओ दिनेश कुमार को पहले निलंबन एवं बाद में ट्रांसफर तक झेलना पड़ा था। इस मामले में शहर का सारा पंजाबी समाज एकजुट हो गया था और पुलिस प्रशासन को काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी। महज आठ दिनों के निलंबन के बाद जब दोनों एसएचओ को वापस ले लिया गया तो भी पुलिस प्रशासन को लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ी थी बाद में पंजाबी समुदाय के इस मामले में सीएम दफ्तर को जानकारी देने के बाद दोनों एसएचओ का तबादला जिले से बाहर कर दिया गया था। होली के दिन हुए इस बवाल में भी सिटी एसएचओ ने मामले को संभाल लिया नहीं शायद इस मामले में भी पंजाबी समाज का गुस्सा पुलिस को झेलना पड़ सकता था।
पंचायत में खेद जताया
होली का जश्न मना रहे दो युवकों को पुलिस ने थप्पड़ मार दिए थे। इसके बाद सिटी थाने में हुई पंचायत में सिटी एसएचओ ने खेद जता दिया। जिसके बाद मामला खत्म हो गया। - राकेश गंभीर, पार्षद, फतेहाबाद ।
पुलिस स्टेशन लाए फिर छोड़ दिया
हमारे पास सूचना थी कि कुछ लोग मसीत वाली गली में हुड़दंग कर रहे हैं। पुलिसकर्मी वहां पहुंचे तो उन्हें लगा कि नाच रहे युवक बाहर के हैं, तो उन्हें पुलिस स्टेशन ले आए। बाद में जब कॉलोनीवासी पहुंचे और उन्होंने कहा कि ये कॉलोनी के ही लड़के हैं, तो उन्हें छोड़ दिया गया। मामले में कम्युनिकेशन गैप रह गया जिसके कारण सबको असुविधा हुई। अब मामला खत्म हो गया है। -सुरेंद्र कंबोज, सिटी एसएचओ, फतेहाबाद ।