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अंतर्राजीय लिंग जांच गिरोह का भांडाफोड़, पंजाब बार्डर पर तीन महिलाओं सहित सात लोग पोर्टेबल मशीन के साथ पकड़े

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अंतर राज्यीय लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़, पंजाब बार्डर पर तीन महिलाओं सहित सात लोग पोर्टेबल मशीन के साथ पकड़े
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग ने लिंग-जांच करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन महिलाओं सहित सात लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। आरोपियों में एक स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एएनएम भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग को लंबे समय से इन आरोपियों की तलाश थी, लेकिन हर बार सूचना लीक होने के चलते आरोपी बच निकलते थे, लेकिन रविवार देर रात आखिरकार स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के संयुक्त आपरेशन में आखिरकार आरोपी पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के हत्थे चढ़ ही गए। आरोपियों की पहचान मलकीत सिंह, मिट्ठू राम, कृपाल सिंह निवासी पंजाब, फतेहाबाद निवासी बलबीर सिंह, ढाणी ईसर निवासी सीमा देवी, अबोहर निवासी रजनी देवी एवं एएनएम मनजीत कौर शामिल थी।
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सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि विभाग के पास गुप्त सूचना थी कि रतिया की एएनएम मनजीत कौर पंजाब के एक लिंग जांच करने वाले गिरोह से जुड़ी हुई है और उसके पास ग्राहकों को भेजती है। सीएमओ ने बताया कि रविवार को भी उन्हें जानकारी मिली कि वो रतिया से ही एक मरीज लिंग जांच के लिए पंजाब लेकर जाने वाली है। इस पर उन्होंने डीसी डॉ. जेके आभीर व पुलिस कप्तान दीपक सहारण को जानकारी दी और उनकी परमिशन से एक विशेष टीम का गठन किया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने एक डिकोय मरीज को एएनएम के पास भेजा। मनजीत कौर स्वास्थ्य विभाग के डिकोय मरीज के झांसे में आ गई और उसे पंजाब में ले जाने को तैयार हो गई। उन्होंने आगे बताया कि इसके बाद मनजीत कौर मरीज को लेकर पंजाब के बरनाला पहुंच गई जहां पर अबोहर निवासी रजनी देवी व फतेहाबाद की ढाणी ईसर निवासी सीमा देवी पहले ही लिंग जांच के लिए पहुंची हुई थी। इसके बाद जिस जगह पर सभी मरीजों को रखा गया था, वहां पर पंजाब निवासी मलकीत सिंह पहुंचा और उसके पास लिंग जांच करने वाली एक पोर्टेबल मशीन थी। मलकीत सिंह की मशीन अनरजिस्टर्ड थी और उसे चलाने वाले मिट्ठू राम, कृपाल सिंह निवासी पंजाब व बलबीर सिंह निवासी फतेहाबाद भी अनट्रेंड थे। सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि मलकीत को शक हो गया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम आने वाली है, ऐसे में उसने सभी मरीजों को एक गाड़ी में बिठाकर इधर-उधर भागने लगा। आखिरकार रतिया-पंजाब बार्डर पर गांव ब्राह्मणवाला के पास स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग की विशेष टीम के हत्थे चढ़ गया और उसके पास से पोर्टेबल मशीन भी कब्जे में ले ली गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम में सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल के अलावा नोडल अधिकारी संगीता मेहता, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. गिरीश, डॉ. संदीप, महिला थाना प्रभारी बिमला देवी एवं सीआईए इंचार्ज कुलदीप शामिल थे।
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