अमर उजाला ब्यूरो
भूना।
नहला की सरपंच पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र को लेकर एक बार पुन: संकट के बादल मंडरा गए हैं। डिप्टी कमिश्नर डॉक्टर हरदीप सिंह फतेहाबाद ने ग्राम पंचायत नहला के सरपंच नीलम देवी को 25 अक्तूबर को तलब किया है। नोटिस पत्र खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी व ग्राम सचिव के माध्यम से सरपंच को दिया गया है। इसके साथ ही सरपंच विरोधी पक्ष के आशुतोष शर्मा को भी नोटिस के बारे में अवगत कराया है। नहला सरपंच 25 अक्तूबर को उपायुक्त दरबार में अपना पक्ष रखकर फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र से अवगत कराएगी। नोटिस मिलने के बाद नहला में एक बार पुन: राजनैतिक सरगर्मिया तेज हो गई है।
क्या है मामला
ग्राम पंचायत नहला की सरपंच नीलम देवी को तत्कालीन उपायुक्त ने 28 जुलाई को फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र को लेकर बर्खास्त कर दिया था। उपायुक्त ने डीडीपीओ की जांच के बाद फर्जी शैक्षणिक पाए जाने के कारण उपरोक्त फैसला दिया था। लेकिन उपरोक्त फैसले के खिलाफ नहला की सरपंच नीलम देवी ने एडिश्नल चीफ सैक्रेटरी पंचायती राज अनुराग रस्तोगी ने उपायुक्त के फैसले को निरस्त कर पुन: तीस दिन के अंदर उपायुक्त फतेहाबाद को जांच के आदेश दिए थे। सरपंच नीलम देवी ने एडशिनल चीफ सैक्रेटरी के समक्ष बताया था कि उसने गुरुनानक एकेडमी रतिया से वर्ष 2007-08 में परीक्षा उर्तीण की थी।
लेकिन एकेडमी ने गलती से उनका शैक्षणिक प्रमाण पत्र 2004-05 का दे दिया था। किन्तु उस समय एकेडमी के पास मान्यता ही नहीं थी। इसलिए डीडीपीओ ने वर्ष 2004-05 की शैक्षणिक प्रमाणपत्र को आधार मानकर उनके खिलाफ लिख दिया था। जिसके कारण उपायुक्त फतेहाबाद ने 28 जुलाई को उन्हें बर्खास्त कर दिया। सरपंच की उपरोक्त दलील पर एडशिनल चीफ सैक्रेटरी ने 19 सितंबर को उपायुक्त के फैसले को रद्द कर पुन: विचार के लिए निर्देश दिए थे। उसी के चलते 25 अक्तूबर को सरपंच को फतेहाबाद तलब किया है।
क्या कहते हैं बीडीपीओ
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रविन्द्र कुमार दलाल ने बताया कि उपायुक्त फतेहाबाद ने नहला की सरपंच को 25 तारीख को तलब किया है। जिसमें सरपंच अपने तर्क रखेगी। इसको लेकर सरपंच को नोटिस दे दिया गया है।