छह पिल्लों की मौत की मेनका गांधी से शिकायत, फोन आने पर हुई पुलिस कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। बस स्टैंड के सामने स्थित मार्केट कमेटी प्रशासन द्वारा अवैध दुकानें हटवाकर अपनी जमीन पर चहारदीवारी बनाना अब मार्केट कमेटी सचिव और प्रशासन के गले की फांस बनती नजर आ रही है। इस चहारदीवारी के अंदर भूख-प्यास से छह पिल्लों की मौत के बाद केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का फोन आने के बाद से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बस स्टैंड चौकी के कर्मचारियों ने पशु चिकित्सक को बुलाकर मृतक पिल्लों के सैंपल पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अगर इस बात की पुष्टि होती है कि इनकी मौत भूख-प्यास से हुई है तो मार्केट कमेटी सचिव की परेशानी बढ़ सकती है।
क्या है पूरा मामला
इस संदर्भ में स्थानीय स्वामी नगर निवासी राजेश कुमार ने एक लिखित शिकायत मेनका गांधी के दिल्ली स्थित कार्यालय में भेजी थी। मेनका गांधी के फोन के बाद उनकी संस्था पीपुल्स फॉर एनीमल के जिलाध्यक्ष विनोद कड़वासरा भी मौके पर पहुंचे। गौरतलब है कि राजेश की भी इसी जगह पर अंडे की रेहड़ी थी, जिसे अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के दौरान मार्केट कमेटी प्रशासन ने हटवा दिया था। दूसरी ओर पुलिस सूत्रों की मानें तो विभाग इस मामले को संदिग्ध मानकर चल रहा है ।
केंद्रीय मंत्री से व्यक्ति ने शिकायत कर की कार्रवाई की मांग
मिली जानकारी के अनुसार स्वामी नगर निवासी राजेश का कहना है कि चहारदीवारी बनने के बाद वह इन पिल्लों को खाने के कि लिए चीज डाल देता था लेकिन कमेटी प्रशासन ने उसे ऐसा करने से रोक दिया था। जिसके बाद इन पिल्लों की भूख प्यास से मौत हो गई। राजेश ने बताया कि उसने इसकी शिकायत केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की जीव रक्षा संस्था पीपल्स फॉर एनिमल को मेल की तो मेनका गांधी की ओर से फोन पर उसे पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज करवाने के लिए कहा गया। पुलिस ने वेटरनरी विभाग के सर्जन को मौके पर बुलाया। डॉक्टरों की टीम के सदस्य डॉ. विक्रम ने बताया कि मृत पिल्लों का शरीर पूरा गल चुका है सिर्फ कंकाल ही बचा है। ऐसे में पोस्टमार्टम के लिए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
फिलहाल कुत्तों के बच्चों का पोस्टमार्टम करवाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
सुरेंद्र कंबोज, शहर थानाध्यक्ष।