अमर उजाला ब्यूरो
रतिया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम ने गांव मुंशीवाला में नाबालिग लड़की की शादी रुकवाई। संरक्षण अधिकारी रेखा अग्रवाल ने बताया कि उनके समक्ष रिपोर्ट आई थी कि गांव मुंशीवाला में एक परिवार द्वारा नाबालिगा की शादी की जा रही है और रविवार को ही बारात आनी है। उन्होंने बताया कि उपरोक्त सूचना के आधार पर ही रतिया सदर थाना में रपट दायर करवाई गई । इसके पश्चात सदर थाना के सहायक उप निरीक्षक राधेश्याम के अलावा उनकी टीम के सहायक उप निरीक्षक राजकुमार व टीम के अधिकारी गांव मुंशीवाला पहुंचे।
उन्होंने बताया कि नाबालिगा की शादी को लेकर परिवार द्वारा तैयारियां की जा रही थी और टोहाना क्षेत्र से ही बारात आने वाली थी। उन्होंने बताया कि नाबालिगा के परिवार के समक्ष उपरोक्त नाबालिगा की उम्र के दस्तावेज दिखाने को कहा तो दस्तावेज दिखाने से असमर्थ रहे और उन्होंने स्वयं ही पुष्टि की कि लड़की की उम्र अभी 16 वर्ष है । उसकी शादी टोहाना के लड़के से तय की गई है। उन्होंने बताया कि इसके पश्चात उनके परिवार को समझाया गया कि नाबालिगा की शादी करना कानूनी अपराध है और इसके लिए सजा का भी प्रावधान है। परिवार को समझाए जाने के पश्चात ही परिवार के मुखिया ने उनके समक्ष लिख कर दिया कि जब तक उनकी लड़की बालिग नहीं हो जाती तब तक वह शादी नहीं करेंगे। इसके साथ-साथ उन्होंने अधिकारियों की मौजूदगी में ही लड़के पक्ष के परिजनों को सूचना देकर बारात को रास्ते से ही वापस भेज दिया।