धर्मशाला से दिवंगत पुजारी के परिवार को निकालने के फरमान पर बवाल
प्रबंधक कमेटी के एक सदस्य ने सुनाया था फरमान, कॉलोनीवासी भड़के, अब रविवार को बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
रतिया।
पंडित आत्माराम मेमोरियल धर्मशाला मंदिर में पुजारी के परिवार को धर्मशाला से निकालने के आदेश के बाद से वार्ड नंबर 16 के नहर कॉलोनी के मोहल्लावासियों में रोष है। जानकारी के अनुसार दिवंगत पुजारी पिछले 30 वर्षों से कार्यरत था। पुजारी के परिवार को धर्मशाला से निकालने का आदेश मैनेजमेंट कमेटी के एक सदस्य ने दिया था।
भारी संख्या में कॉलोनीवासी पुजारी परिवार के समर्थन में धर्मशाला में इकट्ठे हो गए और उन्होंने किसी भी कीमत पर पुजारी को धर्मशाला से नहीं जाने देने की बात कही। मौके पर पहुंचे दर्जनों लोगों ने इस विषय में कमेटी प्रधान से बातचीत भी की जिसके बाद अब रविवार को मोहल्लावासियों तथा कमेटी सदस्यों की बैठक बुलाई गई है जिसमें आगामी कार्रवाई की जाएगी।
वार्ड नंबर 16 निवासी राजेंद्र गोटिया, जय देव मोहित , पार्षद प्रतिनिधि बजरंग गर्ग आदि ने आरोप लगाया कि पंडित आत्माराम मेमोरियल धर्मशाला में पिछले लगभग तीन चार दशकों से पंडित गुलजारीलाल का परिवार पुजारी के तौर पर कार्यरत है और किसी भी शहरवासी को कभी पुजारी से परेशानी नहीं रही। 2014 में गुलजारी का निधन हो गया, जिसके बाद उनकी पत्नी, लड़का गौरव तथा अन्य परिवारजन धर्मशाला में कार्यरत हैं। वह धर्मशाला में ही एक कमरे में रह रहे हैं। मोहल्लावासियों ने आरोप लगाया कि काफी समय से धर्मशाला कमेटी का एक पदाधिकारी पुजारी के परिवार को धमकी दे रहा है कि वह धर्मशाला का कमरा खाली कर दें।
मोहल्लावासियों ने धर्मशाला के प्रधान ऋषिकेश गर्ग से भी बात की प्रधान ने शहर से बात बाहर होने की बात कही। जिसके बाद मोहल्लावासियों ने फैसला लिया है कि कि रविवार को इस विषय में धर्मशाला कमेटी के साथ एक बैठक होगी।
16एफटीबीपी18 : रतिया में धर्मशाला कमेटी पदाधिकारी के खिलाफ रोष जताते हुए मोहल्लावासी।