उमस और मानसून का सीजन शुरू होने के साथ ही अब सांप भी बिलों से बाहर निकलने लगे है। उनकी चपेट में आम लोग आ रहे हैं। फतेहाबाद जिले में सांप के काटने से गत 15 दिन में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। जिनमें दो टोहाना और एक रतिया का व्यक्ति शामिल है। चिकित्सकों का कहना है कि अगर सांप काटे व्यक्ति को समय पर उपचार मिल जाए तो उसकी जान बच सकती है। हालांकि फतेहाबाद में ज्यादा जहरीले नस्ल के सांप नहीं है। अगर जरूरत है तो मौके पर सही प्राथमिक उपचार देने की।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फतेहाबाद जिले के सभी स्वास्थ्य केद्रों पर एंटी स्नेक विनम इंजेक्शन मौजूद है। अगर गांव में किसी को सांप काटता है तो वह पीएचसी पर भी यह उपचार ले सकता है। प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों पर 4 से 5 वायल उपलब्ध हैं।
झाड़-फूंक की जगह दे प्राथमिक उपचार:
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ .मनीष टुटेजा के अनुसार व्यक्ति को जिस जगह पर सांप काटा गया है उस जगह को तुरंत पानी से साफ कर लें। इसके अलावा काटे गए स्थान पर कसकर कपड़ा बांध दे ताकि जहर पूरे शरीर में न फैले
मरीज को अगर आक्सीजन लेने में दिक्कत आ रही है तो उसे अस्पताल पहुंचाने तक मुंह से हवा दें।
सभी केंद्रो पर उपलब्ध है उपचार
सांप कई प्रजाति के होते हैं। कोबरा प्रजाति के सांप में ज्यादा जहर होता है। जिस व्यक्ति को सांप काटता है उसे तुरंत एंटी स्नेक विनम दिया जाता है जो सर्पदंश के असर को खत्म करने का काम करता है। जिले के सभी अस्पतालों में यह इंजेक्शन उपलब्ध है।
डॉ. गिरीश, डिप्टी सिविल सर्जन