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झगड़े के बाद कोमा में गए ग्रामीण की मौत, परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव लेने से किया इंकार, हंगामा

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अमर उजाला ब्यूरो
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भूना।
गांव दहमान में पंचायती जमीन को लेकर बीते 10 नवंबर को लड़ाई झगड़े में घायल होकर कोमा में गए मुलखराज की बीती देर रात मौत हो गई है। मुलखराज की मौत के बाद भूना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शुक्रवार को नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में मुलखराज का पोस्टमार्टम करने के बाद परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। परिजन चाहते थे कि मामले में 11 आरोपियों ने लड़ाई झगड़ा किया था, मगर पुलिस ने 6 आरोपियों के साथ सांठगांठ करके उन्हें हत्या प्रयास के मामले से बाहर निकाल दिया था। इसलिए उनके भी खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी को लेकर अड़े हुए थे। थाना प्रभारी रमेश कुमार के आश्वासन के बाद मुलखराज के शव का अंतिम संस्कार गांव दहमान में शुक्रवार सांय को कर दिया गया है।
यह है मामला
गांव दहमान निवासी मुलखराज के घर के सामने पंचायती जमीन खाली पड़ी हुई थी, जिसमें लोग गोबर खाद, रेहड़ी व ट्रैक्टर-ट्राली आदि खड़ी कर देते थे। उपरोक्त जगह पर मुलखराज के पड़ोसी 10 नवंबर 2017 को नरेश कुमार व वजीर सिंह आदि चारदीवारी बनाने लगे। लेकिन जैसे ही मुलखराज खेत से अपने घर पहुंचा तो उसने चारदीवारी निकालने का विरोध किया। उपरोक्त लोगों ने हमला कर दिया। जिसमें मुलखराज के परिवार के 4 लोग घायल हो गए थे, जिनमें महेंद्र सिंह, अजीत, बबीता व मुलखराज स्वयं शामिल था। झगड़े में घायल होने के बाद इन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भूना में दाखिल करवाया गया था। मगर मुलखराज की हालत गंभीर होने के कारण उसे हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। सिर पर गहरी चोट लगने के कारण मुलखराज कोमा में चला गया जबकि अन्य सभी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। भूना पुलिस ने 11 नवंबर को मुलखराज के भाई अजीत सिंह की शिकायत पर 3 महिलाओं सहित 11 लोगों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया था। किंतु मुलखराज के कोमा में जाने व चिकित्सा रिपोर्ट के बाद 25 नवंबर को हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। इस दौरान आरोपी दिनेश, परविंद्र व नरेश कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जबकि मनजीत व देवेंद्र को जनवरी में गिरफ्तार किया गया। इस दौरान तत्कालीन एसएचओ आत्मा राम बिश्नोई व डीएसपी जगदीश काजला की जांच में पुलिस ने 6 लोगों को मामले से बाहर निकाल दिया गया। मगर कोमा में जिंदगी व मौत के बीच जूझ रहे मुलखराज ने 29 मार्च की रात्रि को दम तोड़ दिया। जिस पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करके मुकदमा नंबर-398 में हत्या की धारा शामिल कर दी है।
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पुलिस ने इन्हें दी थी क्लीन चिट
मुलखराज के कोमा में चले जाने के बाद परिजनों ने 11 लोगों को गिरफ्तार करने के लिए कई बार पुलिस थाने में एकत्रित होकर आए थे। मामले की जांच के लिए एसपी से लेकर सीएम विंडो तक गुहार लगाई गई थी। मगर आरोपियों की कोई सुनवाई नहीं हुई अपितु तत्कालीन थाना प्रभारी आत्मा राम बिश्नोई व डीएसपी जगदीश काजला की जांच में वजीर सिंह, सज्जन सिंह, सुशील कुमार, कमलेश, सुशीला व मुकेश को क्लीन चिट दे दी गई। परिजनों ने उस दौरान भी पुलिस पर उपरोक्त आरोपियों के साथ मिलीभगत के भी आरोप लगाए थे।
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क्या कहते हैं एसएचओ
थाना प्रभारी रमेश कुमार किरमारा ने बताया कि मामले में 5 आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा में हत्या की धारा को जोड़ दिया गया है। लेकिन अन्य 6 लोगों के खिलाफ अगर कोई शिकायत आती है तो उसकी जांच करके आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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