विधानसभा में जाट आरक्षण के लिए प्रस्ताव लाने के सरकार के आश्वासन के बावजूद फतेहाबाद जिले में अभी तक आंदोलन की आंच ठंडी नहीं हुई है। हालांकि, जिले से किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है लेकिन भूना और टोहाना के तकरीबन आधा दर्जन से अधिक गांवों में अभी जाट सड़कें जाम किए बैठे हैं। उनको मनाने पहुंचे प्रशासनिक एवं सेना के अधिकारियों को भी उन्होंने बैरंग लौटा दिया है।
भूना के ढाणी गोपाल, जांडलीकलां, नहला और लहरियां में आंदोलनकारियों ने जाम रखा हुआ है तो टोहाना के गांव डांगरा, समैण, कन्हेड़ी में भी प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं। टोहाना के कालवन और भट्टू में रेलवे ट्रैक अभी भी आंदोलनकारियों के कब्जे में है। भट्टू में जाट आंदोलनकारी एक बार रेलवे ट्रैक से उठने के बाद पांच मिनट के भीतर दोबारा से ट्रैक पर आ गए। भट्टू के गांव मेहूवाला और ढिंगसरा में जाट हटा लिया गया है। फतेहाबाद के गांव दौलतपुर के पास लगाया जाम जाट आंदोलनकारियों ने उठा लिया है। सोमवार को लगातार दूसरे दिन सेना एवं पुलिस के जवानों ने जिले भर में फ्लैग मार्च निकाला।
शहरों में आम जनजीवन सामान्य, कई गांवों में तनाव
फतेहाबाद के अंतर्गत आने वाले शहरों में आम जनजीवन सामान्य है। फतेहाबाद शहर में सोमवार सुबह भी शांति कमेटी ने विधायक बलवान सिंह के नेतृत्व में शहर में शांति मार्च निकाला। टोहाना शहर में स्थिति सामान्य है, लेकिन टोहाना के जाट आंदोलन प्रभावित गांवों में जरूर तनाव बना हुआ है। भट्टू मंडी में रेलवे ट्रैक पर जाम होने से स्थिति तनावपूर्ण है, लेकिन सड़क मार्ग खाली होने से आवागमन शुरू हो चुका है।
रतिया शहर में भी हालात काबू में हैं। भूना शहर में तो हालात ठीक हैं लेकिन खंड के गांव ढाणी गोपाल एवं नहला में स्थिति तनावपूर्ण है। बीते दिन भूना में उपतहसील को आग के हवाले कर दिया गया था। इन गांवों में जाम लगाए बैठे प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों की टीम को सोमवार को भी बैरंग लौटा दिया।