पीएम विश्वकर्मा योजना के कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते गणमान्य। सूचना विभाग।
टोहाना। एमएसएमई–विकास कार्यालय, करनाल की ओर से सोमवार को किसान रेस्ट हाउस में पीएम विश्वकर्मा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों, शिल्पकारों और सूक्ष्म उद्यमियों को पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत उपलब्ध सुविधाओं, कौशल प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में एसडीएम आकाश शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल आधारित विकास और एमएसएमई क्षेत्र में मौजूद रोजगार व स्वरोजगार के अवसरों पर प्रकाश डाला। ऐसी योजनाएं स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
एमएसएमई विकास कार्यालय करनाल के सहायक निदेशक हरपाल सिंह ने पीएम विश्वकर्मा योजना की प्रमुख विशेषताओं, पात्रता मानदंड, कौशल प्रशिक्षण, ऋण सुविधा और कारीगरों को दी जा रही तकनीकी एवं विपणन सहायता की विस्तृत जानकारी दी। यह योजना पारंपरिक कारीगरी को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़कर कारीगरों की आय बढ़ाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है।
एमएसएमई केंद्र फतेहाबाद के औद्योगिक विस्तार अधिकारी रमेश ने राज्य सरकार की विभिन्न औद्योगिक योजनाओं और उद्योग स्थापना के लिए उपलब्ध प्रोत्साहनों की जानकारी दी। बैंकिंग सत्र में एलडीएम विक्रांत ने ऋण प्रक्रिया, ब्याज सहायता योजनाओं और डिजिटल बैंकिंग के महत्व पर प्रकाश डाला। डिजिटल मार्केटिंग सत्र में ऑनलाइन ब्रांडिंग, सोशल मीडिया प्रचार, ई-कॉमर्स, पैकेजिंग और लेबलिंग से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान प्रश्न–उत्तर सत्र में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। सहायक निदेशक रमेश रजा ने अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला महामंत्री विकास ललौदा भी उपस्थित रहे।