वीडियो कांफ्रेंस में भाग लेते अधिकारी।
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प्रदेश के मुख्य सचिव विजय वर्धन ने रविवार को कोविड-19 को लेकर प्रदेश के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई इस बैठक में पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. मुनीष नागपाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव विजय वर्धन ने ऑक्सीजन सप्लाई निर्बाध रूप से मिलें, इसको लेकर भी अधिकारियों के साथ चर्चा की और निर्देश दिए कि जिला में कभी भी ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित न हो। साथ ही जिला में माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने के लिए रणनीति बनाई गई। मुख्य सचिव की ओर से निर्देश दिए कि जहां कोविड-19 के अधिक केस है, वहां के इलाकों को चिह्नित करके बैरिकेडिंग की जाएं, ताकि कोविड के संक्रमण को रोकने में मदद मिल सके। मुख्य सचिव ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए सभी अधिकारी पुख्ता प्रबंध करें। बैठक में मौजूद स्वास्थ्य अधिकारियों को भी ये निर्देश दिए कि कोविड की स्थिति पर नजर रखे और पल-पल की जानकारी प्रशासन के साथ साझा करें।
एडीसी डॉ. मुनीष नागपाल ने मुख्य सचिव को प्रशासन द्वारा जिला में कोविड-19 संक्रमण के बचाव के लिए किए गए प्रबंधों की जानकारी देते हुए बताया कि जिला में ऑक्सीजन सिलिंडर की स्थिति संतोषजनक है और प्रशासन द्वारा दो नोडल अधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है, जो जिला में ऑक्सीजन आपूर्ति/उपलब्धता पर नजर बनाए रखेंगे। अगर कहीं पर ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है तो हिसार वेयरहाउस या डीलर से पुलिस सुरक्षा में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोविड में प्रयोग होने वाले रेमडिसिविर इंजेक्शन की आवक और प्रयोग पर भी विभाग बारीकी से नजर रख रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि रेमडिसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी न हो, इसके लिए स्टॉक लगातार जांचा जाएं। एडीसी ने बताया कि जिला में लघु सचिवालय में कंट्रोल रूम 01667230018 स्थापित कर दिया गया है। कंट्रोल रूम के लिए जिप सीईओ अजय चोपड़ा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।