फतेहाबाद। रेड जोन वाले गांवों में कोई पराली जलाने का केस नहीं आता है तो उस पंचायत को एक लाख रुपये तथा येलो जोन में पराली न जलाने का केस आने पर 50 हजार रुपये संबंधित ग्राम पंचायत को दिए जाएंगे। इसके अलावा जो गोशाला व नंदीशाला कमेटी किसान के खेत से पराली उठाएंगी, उन्हें 15000 रुपये यातायात भत्ता भी दिया जाएगा।
जिले में 62 गोशाला व नंदीशाला पंजीकृत हैं। डीसी मनदीप कौर ने इन सभी गोशाला व नंदीशाला की कमेटियों से आह्वान किया कि वे पराली उठाकर गोशाला में लेकर जाएं। कृषि विभाग द्वारा धान की पराली न जलाने के लिए किसानों को जागरूक करने के लिए जागरूकता वीडियो वैन चलाई गई है। इस जागरूकता वीडियो वैन को उपायुक्त मनदीप कौर ने लघु सचिवालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दो वैन के अलावा 12 इंफोर्समेंट वैन भी चलाई जा रही है। यह वैन जिले के गांवों में जाकर धान की पराली न जलाने का संदेश देगी और किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक करेगी।
डीसी ने बताया कि जिले में 33 गांव रेड जोन व 76 गांव येलो जोन में आए हुए हैं। इन गांवों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। यह वैन जिले के धान उत्पादक गांवों में जाकर धान की पराली न जलाने के लिए किसानों को जागरूक करेगी। यदि कोई किसान धान की पराली को जलाता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
गांठें बनाने के लिए प्रति एकड़ मिलेंगे एक हजार रुपये
डीसी ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा किसानों को खेत में धान की पराली को मिट्टी में मिलाने व गांठें बनाने के लिए 1000 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए किसान को विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। उन्होंने सभी किसानों से अपील की कि किसान अपने खेतों में धान की पराली को न जलाएं व सरकार द्वारा पराली प्रबंधन के लिए दी जाने वाली सभी स्कीमों का लाभ उठाएं।