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Fatehabad News: तेजाब हमले के दोषी को कोर्ट ने सुनाई 10 वर्ष की कैद

Thu, 20 Aug 2026 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद। तेजाब हमले के मामले में वीरवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवेंदु जैन की अदालत ने दोषी राम सिंह को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। अदालत ने 17 अगस्त को राम सिंह को दोषी करार दिया था।
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अभियोजन के अनसुार घटना 21 जुलाई 2023 की रात करीब सवा 10 बजे की है। पीड़ित घर के आंगन में चारपाई पर सो रहा था। राम सिंह गेट पर आया और हाथ में पकड़ी तेजाब से भरी कांच की बोतल चारपाई की ओर फेंक दी। बोतल पीड़ित के शरीर पर लगकर टूट गई। इससे उसको चोटें आईं। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह संबंधित परिवार से रंजिश रखता था और घटना के दिन शराब के नशे में था। उसने शेलर में रखी तेजाब की बोतल उठाई और रात को परिवार के सदस्य को निशाना बनाकर घर के आंगन में फेंक दी। बाद में पता चला कि जिस व्यक्ति को वह निशाना बनाना चाहता था, उसकी जगह उसका बेटा चारपाई पर सो रहा था।
पुलिस ने घटनास्थल से तेजाब की बोतल के टूटे टुकड़े बरामद किए और मौका नक्शा तैयार किया। गवाहों के बयान और पीड़ित के उपचार संबंधी चिकित्सा रिकॉर्ड भी जांच में शामिल किए गए। आरोपी को 30 जुलाई 2023 को गिरफ्तार किया गया और जांच पूरी करने के बाद 26 अक्तूबर 2023 को अदालत में चालान पेश किया गया।
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धारा 326-बी से 326-ए में बदला आरोप
सुनवाई के दौरान विधि अधिकारी की पैरवी के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 326-बी के आरोप को धारा 326-ए में परिवर्तित किया गया। अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की।
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जानबूझकर तेजाब फेंका, संदेह का लाभ नहीं : कोर्ट
अदालत ने पीड़ित की गवाही, चिकित्सकीय साक्ष्य और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना। कोर्ट ने कहा कि आरोपी द्वारा तेजाब की बोतल फेंकने की घटना जानबूझकर की गई थी। अभियोजन के साक्ष्यों में कोई महत्वपूर्ण विरोधाभास नहीं मिला। ऐसे में आरोपी को संदेह का लाभ नहीं दिया जा सकता। अदालत ने राम सिंह को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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