संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। जिला व उपमंडल स्तर पर शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें आपराधिक अल्प मामले, एनआई एक्ट 138, एमएसीटी केस, वैवाहिक, श्रम, भूमि अधिग्रहण, किराया, दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, बैंक रिकवरी, राजस्व, मनरेगा, बिजली व पानी बिल, वन अधिनियम, आपदा मुआवजा इत्यादि अन्य मामलों की सुनवाई की गई।
जिला अदालत परिसर में लोक अदालत के दौरान 13 साल से अलग रह रहे पति-पत्नी का राजीनामा करवाया गया। हिसार जिले के गांव धांसू निवासी कुलदीप व फतेहाबाद के गांव ढांड निवासी निर्मला की शादी 2005 में हुई थी। 2011 में दोनों का विवाद हो गया और तब से अलग-अलग रह रहे थे। दोनों का 13 साल का एक बेटा भी है, जो अपनी मां के पास रह रहा था।
निर्मला ने अपने पति पर दहेज मारपीट व खर्च का केस भी डाला हुआ था। इस कारण कुलदीप को जेल भी जाना पड़ा। शनिवार को लोक अदालत में फैमिली कोर्ट की प्रधान न्यायाधीश नताशा शर्मा की अदालत में दोनों तरफ के वकील देवीलाल, कौशल मेहता व कमलेश वशिष्ठ ने दंपती का मनमुटाव दूर करवा कर उन्हें आपस में मिलवाया। इसी के साथ दोनों ने एक बार फिर नई शुरुआत करते घर बसाने का फैसला लिया।
इसी तरह कबीर बस्ती निवासी ज्योति व ऐलनाबाद निवासी लालचंद की शादी 19 जनवरी 2015 को हुई थी। 12 मई 2023 को दोनों का विवाद हो गया। तब से दोनों अलग-अलग रह रहे थे। ज्योति ने अपने पति पर दहेज, मारपीट व खर्च का केस भी डाला हुआ था। फैमिली कोर्ट की प्रधान न्यायाधीश नताशा शर्मा की अदालत में दोनों का राजीनामा करवाया गया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक अग्रवाल ने लोक अदालतों का निरीक्षण किया करते हुए कहा कि लोक अदालत एक ऐसा मंच है, जहां विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने का अवसर मिलता है। यह राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा आयोजित की जाती है। यह न्याय प्रक्रिया में जनता का विश्वास बढ़ाने और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का एक प्रभावी माध्यम है। पक्षकारों को लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करवाने का अवसर प्रदान करना, मुकदमेबाजी का भी बोझ कम करना तथा लोगों को कानूनी अधिकार और समाधान की जानकारी देना लोक अदालतों का मुख्य उद्देश्य होता है।
16253 मामलों का हुआ निपटारा
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 22,094 मामलों में से 16,253 मामलों का निपटारा किया गया। जिसमें एक करोड़ 12 लाख दस हजार 609 रुपये की राशि जुर्माना व अवॉर्ड के रूप में पास की गई। इन मामलों में प्री-लिटिगेशन के कुल 19,917 मामलों में से 15,463 मामलों का निपटारा किया गया। जिसमें 81 लाख 25 हजार 607 रुपये की राशि जुर्माना व अवॉर्ड के रूप में पास की गई। कोर्ट में लंबित 2177 मामलों में 790 मामलों का निपटारा किया गया, जिसमें 30 लाख 85 हजार 002 रुपये की राशि जुर्माना व अवॉर्ड के रूप में पास की गई।
यहां-यहां लगी लोक अदालत
शनिवार को जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नताशा शर्मा, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संतोष बगोटिया, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी जोगिंद्र जांगड़ा ने सुनवाई की। रतिया उपमंडल में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एवं न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कुमारी ज्योति तथा टोहाना उपमंडल में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एवं न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी पवनदीप कौर की अदालत में मामलों की सुनवाई की।
फतेहाबाद में लोक अदालत में सुनवाई करती फैमिली कोर्ट की प्रधान न्यायाधीश नताशा शर्मा। संवाद