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Fatehabad News: अविश्वास प्रस्ताव की वोटिंग में नहीं पहुंचे पार्षद, बच गई चेयरपर्सन की कुर्सी

Thu, 03 Sep 2026 10:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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नगरपालिका रतिया :संवाद
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रतिया। नगरपालिका चेयरपर्सन प्रीति खन्ना के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव वीरवार को बिना किसी वोटिंग के ही खारिज हो गया। इस तरह चेयरपर्सन अपनी कुर्सी बचाने में पूरी तरह कामयाब रहीं।
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लघु सचिवालय में वीरवार दोपहर को अविश्वास प्रस्ताव पर एडीसी एवं चुनाव अधिकारी अनुराग ढालिया की मौजूदगी में मतदान की प्रक्रिया संपन्न होनी तय की गई थी। इसके लिए प्रशासन की ओर से तैयारियां भी पूरी कर ली गई थीं।
हालांकि तय समय तक एक भी पार्षद मौके पर वोट डालने के लिए नहीं पहुंचा। पार्षदों की अनुपस्थिति के कारण अविश्वास प्रस्ताव अपने आप ही गिर गया। इसके साथ ही प्रीति खन्ना की कुर्सी सुरक्षित हो गई।
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विधायक के हस्तक्षेप से हुआ था समझौता
विधायक जरनैल सिंह के हस्तक्षेप के बाद पार्षदों और चेयरपर्सन प्रतिनिधि की बैठक करवाकर दोनों पक्षों के मतभेदों को दूर कराया गया था। विधायक जरनैल ने कहा कि उन्होंने पार्षदों और चेयरपर्सन प्रतिनिधि की आपसी बैठक करवाकर दोनों के बीच चल रहे मनमुटाव को दूर करवाया है।
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दो साल से चल रहा था सियासी घमासान
नगरपालिका में चेयरपर्सन और पार्षदों के बीच खींचतान पिछले दो सालों से जारी थी मई 2025 में 14 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव की मांग की थी। मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा और 22 मई को बैठक तय हुई। हालांकि बैठक में केवल 11 पार्षद पहुंचे जिससे कोरम पूरा न होने पर अविश्वास प्रस्ताव गिर गया था। इसी वर्ष 2 जून को 14 पार्षदों ने उपायुक्त को फिर से अविश्वास प्रस्ताव सौंपा। पार्षदों ने चंडीगढ़ जाकर मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की और शहर में विकास कार्य ठप होने का आरोप लगाया। प्रशासनिक स्तर पर 9 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक तय की गई थी लेकिन एडीसी के अवकाश पर जाने के कारण यह स्थगित हो गई।
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मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंचा था मामला
विवाद का समाधान निकालने के लिए यह मामला दो बार मुख्यमंत्री तक पहुंचा। मुख्यमंत्री ने हांसी विधायक विनोद भयाना, विधायक जरनैल सिंह को दोनों पक्षों से समन्वय स्थापित कर मामला सुलझाने के निर्देश दिए थे। 15 जुलाई को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हुई पहली बैठक में सहमति बनने के बावजूद प्रेस वार्ता के दौरान कुछ बिंदुओं पर बात फिर बिगड़ गई थी। इसके बाद वरिष्ठ नेताओं के लगातार प्रयासों और बैठकों के दौर के बाद विधायक जरनैल सिंह ने दोनों पक्ष गिले-शिकवे भुलाकर एक मंच पर लाकर दोनों पक्षों में सहमति करवाई और बुधवार को ही दोनों पक्षों के पार्षदों ने मिलकर विधायक के निर्देशों के तहत साथ मिलकर शहर का विकास करवाने का वादा किया था।

नगरपालिका रतिया :संवाद

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