भूना। शहर से कचरा उठाने को लेकर पिछले पांच सालों में करोड़ों रुपये के टेंडर के बावजूद सफाई व्यवस्था अभी भी बेपटरी हैं। हालात यह हैं कि जो काम ठेकेदार को करना चाहिए। वह नगर पालिका के कर्मचारी और संसाधन कर रहे हैं। इसे लेकर ठेकेदार और अधिकारियों की सांठ-गांठ के आरोप लगने लगे हैं।
मामला उस समय चर्चा में आया जब पार्षद सुशील सोनी ने शहर में कचरा उठाने की व्यवस्था का लाइव वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि नगर पालिका के कर्मचारी और ट्रैक्टर-ट्रॉली शहर से कचरा उठाकर डंपिंग पॉइंट तक पहुंचा रहे हैं जबकि डोर-टू-डोर कचरा उठाने की जिम्मेदारी सफाई ठेकेदार की है।
पार्षद सुशील सोनी ने आरोप लगाया कि लंबे समय से सफाई ठेकेदार को अधिकारियों का संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर गाड़ियां केवल औपचारिकता निभा रही हैं और शहर में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं, जिससे आमजन को परेशानी झेलनी पड़ रही है। फिलहाल, इस पूरे मामले ने शहर की सफाई व्यवस्था और टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।