कोरोना को मात दे चुके लोगों में ब्लैक फंगस के लक्षण मिल रहे थे लेकिन अब बिना संक्रमित लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। रविवार को गांव नाढ़ोडी निवासी व्यक्ति ब्लैक फंगस आशंकित मिला है। हालत नाजुक होने के कारण मरीज को अग्रोहा मेडिकल रेफर किया गया है।
जिले में अभी तक ब्लैक फंगस आशंकित नौ मरीज मिल चुके हैं और एक की मौत भी हो चुकी है। नागरिक अस्पताल के ईएनटी डॉ. जयप्रकाश ने बताया कि रविवार को गांव नांढ़ोडी निवासी व्यक्ति ब्लैक फंगस आशंकित मिला है। मरीज ने बताया कि 13 मई को उसके चेहरे और नाक के पास दर्द शुरू हुआ था, जो कि धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो गया और सूजन आ गई। नाक, चेहरे और आंख के पास सूजन आ चुकी है। मरीज ने करीब एक माह पहले कोरोना जांच भी करवाई थी लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आई थी। वहीं गांव हांसपुर निवासी 68 वर्षीय बुजुर्ग ब्लैक फंगस का आशंकित मिला है, जिसकी चिकित्सक जांच कर रहे हैं।
मरीज को शुगर की भी शिकायत नहीं
डॉक्टरों के मुताबिक मरीज की शुगर को लेकर भी कोई हिस्ट्री सामने नहीं आई है। ऐसे में कोरोना संक्रमित और शुगर की हिस्ट्री न होने के बावजूद ब्लैक फंगस के लक्षण मिलना चिंता का विषय है।
कोट
ब्लैक फंगस के गंभीर मरीजों को अग्रोहा मेडिकल रेफर किया जा रहा है। लोगों से भी अपील है कि ब्लैक फंगस के शुरूआत में लक्षण दिख रहे हैं तो जांच जरूर करवाएं।
- डॉ. जयप्रकाश, ईएनटी, नागरिक अस्पताल।