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10 फीसदी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर होने पर ही निजी अस्पताल दाखिल कर सकेंगे कोरोना मरीज

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कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन की कमी बताकर आधी रात को रेफर करने वाले निजी अस्पतालों पर सख्ती करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदने के आदेश दे दिए हैं। कोरोना मरीजों को दाखिल करने के लिए तभी मंजूरी मिलेगी जब निजी अस्पताल में कोविड बेड के मुताबिक 10 फीसदी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर होंगे। ये ही नहीं अब देर रात को ऑक्सीजन की कमी बताकर मरीजों को रेफर करने पर निजी अस्पतालों पर कार्रवाई होगी।
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निजी अस्पताल को ऑक्सीजन की कमी होने पर शाम को ही स्वास्थ्य विभाग प्रशासन को बताना होगा और इसके बाद रेफर करना होगा। हड़बड़ाहट में मरीजों को रेफर नहीं करेंगे। नवनियुक्त सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण ने शुक्रवार को नागरिक अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी व निजी अस्पताल के डॉक्टरों की बैठक ली। बैठक में उप सिविल सर्जन डॉ. हनुमान, डॉ. गिरीश, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सुनीता सोखी, डॉ. कुलदीप गौरी, डॉ. अंशुल सहगल, डॉ. विनय सिंगला आदि मौजूद थे। बैठक में सिविल सर्जन ने निजी अस्पतालों को निर्देश दिए कि उन्हें जो बेड अलॉट किए गए हैं उसके मुताबिक ही कोरोना मरीजों को दाखिल करें, क्यों कि उसके तहत ही ऑक्सीजन की सप्लाई तय की गई है। अस्पताल बेड के मुताबिक 10 फीसदी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर रखे। निजी अस्पताल मरीजों से फीस ले रहे हैं ऐसे में सुविधा भी दें।
नागरिक अस्पताल का किया औचक निरीक्षण
सिविल सर्जन ने कार्यभार संभालने के बाद नागरिक अस्पताल फतेहाबाद का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने सफाई व्यवस्था और उपचार पर संतुष्टि जाहिर की। निरीक्षण के दौरान एसएमओ डॉ. राजेश चौधरी ने स्टाफ की मांग रखी।
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गांवों में होंगे रेपिड एंटीजन टेस्ट
सिविल सर्जन ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को मोबाइल टीम बनाने के भी निर्देश दिए हैं। मोबाइल टीम ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर रेपिड एंटीजन टेस्ट करेंगे। गांव स्तर पर लोगों की जांच कम होने के कारण विभाग ने फैसला लिया है। सिविल सर्जन ने कहा कि शहरों में सैंपलिंग बढ़ने से संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। गांव स्तर पर भी ऐसा ही अभियान चलाया जाएगा।
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