समैन। गांव समैन में नेशनल हाईवे स्थित श्मशान भूमि के पास बसी कॉलोनी के लोग बरसात के मौसम में जलभराव की गंभीर समस्या से परेशान हैं। तालाब के ओवरफ्लो होने से दूषित पानी गलियों में भर जाता है और घरों तक पहुंच रहा है। इससे स्थानीय निवासियों का जनजीवन प्रभावित होने के साथ-साथ बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान उन्हें नारकीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर होना पड़ता है। करीब डेढ़ सौ से अधिक मकानों वाली यह कॉलोनी तालाब के किनारे बसी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार, बारिश का पानी नालों के माध्यम से तालाब में पहुंचता है। तालाब भरने के बाद उसका पानी ओवरफ्लो होकर वापस गलियों और घरों में घुस जाता है। अधिक बारिश होने पर पूरी कॉलोनी जलमग्न हो जाती है।
गंदे पानी के जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है जिससे संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी बना रहता है। कॉलोनीवासियों ने प्रशासन से जलभराव की इस पुरानी समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है ताकि उन्हें हर वर्ष होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।
मेरा मकान तालाब के बिल्कुल निकट है। बारिश के दौरान तालाब का गंदा पानी सीधे उनके घर तक पहुंच जाता है, जिससे परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासन से मांग है कि समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
-प्रवीन, ग्रामीण
तालाब का ओवरफ्लो पानी पूरी कॉलोनी को अपनी चपेट में ले लेता है। गंदे पानी के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है और बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। कॉलोनी के रास्ते से गुजरना भी मुश्किल हो जाता है।
- बलबीर सिंह, ग्रामीण
कॉलोनी में जलभराव वर्षों पुरानी समस्या है। हर बरसात में गांव का पानी तालाब में पहुंचने के बाद ओवरफ्लो होकर घरों में घुस जाता है। समस्या हर साल और गंभीर होती जा रही है इसलिए इसका स्थायी समाधान आवश्यक है।
-जोगी राम, ग्रामीण
जलभराव के कारण कई घरों में पानी भर जाता है और लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गंदे पानी से बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से समाधान कराने की मांग की।
- राममेहर, ग्रामीण
:::::::::::::
श्मशान भूमि के पास स्थित कॉलोनी में जलभराव की समस्या का जल्द समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। मौके का दौरा करेंगे और कॉलोनीवासियों से बातचीत कर समस्या के कारणों का अध्ययन करेंगे ताकि इसके स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें। -राहुल श्योकंद, बीडीपीओ, टोहाना।