गांव सरवरपुर में निर्माणाधीन आरोही मॉडल स्कूल के 60 फीट ऊंचे स्वागत द्वार की दीवार गिरने से एक बच्चे की दबकर मौत हो गई। कार्रवाई से बचने के लिए ठेकेदार के कारिंदों ने परिजनों पर दबाव डालकर बिना पोस्टमार्टम के शव का अंतिम संस्कार करा दिया।
घटना से गुस्साए ग्रामीणोें ने फतेहाबाद-डींग रोड पर स्कूल गेट के सामने जाम लगा दिया। घटना की सूचना पर भट्टू थाने के सब इंस्पेक्टर मुकेश और तहसीलदार दर्शन कुमार पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीण शांत हुए। वहीं, तीन घंटे बाद जाम खुल सका, इस बीच सैकड़ों वाहन फंसे रहे। निर्माणाधीन स्कूल का उद्घाटन 31 दिसंबर को होना है।
गांव सरवरपुर में आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की बिल्डिंग निर्माणाधीन है। स्कूल के स्वागत द्वार की दीवार पर प्रवासी मजदूर खेमराज परिवार सहित टीप का कार्य कर रहा था। अचानक गेट की करीब 60 फीट लंबी दीवार ढह गई, जिसके नीचे खेमराज का करीब 8 वर्षीय पुत्र संदीप दब गया और बच्चे की मौके पर मौत हो गई।
आनन-फानन में ठेकेदार के कारिंदे पहुंचे। वे परिजनों के साथ बच्चे के शव को उठाकर ले गए। आरोप है कि कारिंदों ने बिना पोस्टमार्टम कराए परिजनों पर दबाव डालकर शव का अंतिम संस्कार करा दिया। यह सूचना जंगल में आग की तरह गांव में पहुंच गई। देखते ही देखते ग्रामीण स्कूल गेट के सामने एकत्र होने लगे।
घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल गेट के सामने जाम लगा दिया। इससे फतेहाबाद-डींग मार्ग पर सैकड़ों वाहनों का रेला लग गया। जाम लगाए ग्रामीण दलबीर, हवासिंह, सुरेश, राजेन्द्र, लीलूराम, मांगेराम, विनोद, सुमित, राकेश, मुकेश, रामकुमार, रामनिवास, साहबराम, सुरेश, रतन ने आरोप लगाया कि पांच करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन इस बिल्डिंग में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है, जिसकी शिकायत उन्हाेंने छह महीने पहले उच्चाधिकारियों से की थी। लेकिन अधिकारियों ने निरीक्षण करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की।
इस बीच सूचना पर भट्टू पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों से जाम खोलने की अपील की, लेकिन ग्रामीणों ने उनकी एक नहीं सुनी। तब तक तहसीलदार दर्शन कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को शांत कराते आरोपी लोगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण जाम खोलने पर राजी हुए।
बिना सरिये व सपोर्ट के बना दिया 60 फुट लंबा गेट
करीब 60 फुट के स्वागत गेट में कोई बीम व सरिया नहीं है। न ही बीच में कोई सपोर्ट दिया गया है। इसी तरह का एक गेट और भी बना हुआ है, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकता है।
31 दिसंबर को शुरू होना था स्कूल
स्कूल प्रिंसिपल शशी प्रकाश ने बताया कि कार्य सर्व शिक्षा अभियान के तहत चल रहा था। इसी विभाग ने टेंडर किए थे। अब 31 दिसंबर को निर्माण कर बिल्डिंग उनको सौंपी जानी थी। उद्घाटन से पहले हादसा होना चिंता का विषय है। वर्तमान में आरोही स्कूल के बच्चे पास के राजकीय माध्यमिक पाठशाला में पढ़ाई कर रहे हैं।
ठेकेदार देवी सिंह ने बताया कि दीवार आरएच से बनाई गई थी, जिसमें सरिये नहीं दिए जाते हैं। बुधवार को दीवार की शटरिंग खोली गई थी। गुरुवार को दीवार में टीप का कार्य हो रहा था। अचानक यह हादसा हो गया।
क्या कहते है अधिकारी
भट्टूकला थाना प्रभारी सुनील कुमार के मीटिंग में होने पर थाने के मुंशी रमेश कुमार ने बताया कि इस मामले में कोई शिकायत नहीं आई है। ठेकेदार के कारिंदों ने परिजनों को राजी कर संस्कार करा दिया है। जब कोई शिकायत आएगी तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।