फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुरक्षा व्यवस्था संभालने के साथ कर रहीं जागरूक

विज्ञापन
कविता, महिला पुलिस कर्मचारी - फोटो : Fatehabad
विज्ञापन
कोरोना महामारी को खत्म करने के लिए इस समय मेडिकल और सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ पुलिस भी योद्धा की तरह मैदान में डटी है। महिला पुलिस भी अपना फर्ज निभाने में पीछे नहीं है। अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना जिला फतेहाबाद की महिला पुलिस 12 से 16 घंटे बिना आराम किए ड्यूटी दे रही है। कानून व्यवस्था संभालने के साथ-साथ कोरोना महामारी के चलते बनाए गए कंटेनमेंट जोन में ड्यूटी देने के साथ-साथ लोगों को जागरूक भी कर रही हैं। घर से मास्क बनाकर बांट रही हैं तो काई शहर व गांव में गश्त करके बिना मास्क लगाए घूम रहे लोगों पर शिकंजा कस रही हैं।
विज्ञापन

महामारी में दूसरों बचाने के साथ-साथ खुद को सुरक्षित रखना भी बहुत मुश्किल है। इन हालात में महिला पुलिस भी अपनी ड्यूटी बखूबी निभा रही है। महिला पुलिस कर्मियों को कई बार खाना भी नसीब नहीं होता, बावजूद उनके जज्बे में किसी तरह की कमी नहीं है। इन पुलिस कर्मियों को समाज भी सलाम कर रहा है।
कहीं भी पॉजिटिव केस आता है तो इस दौरान कंटेनमेंट जोन बनाया जाता है वहां पर व्यवस्था संभालने के लिए ड्यूटी लगाई जाती है। इसको हम बखूबी निभाते हैं। इसके अलावा वहां पर लोगों की जरूरतों को पूरा करने की जिम्मेदारी रहती है। यहां ड्यूटी के अलावा कोरोना को हराने के लिए सख्ती जरूरी है। सुबह एक ही लक्ष्य होता है कि बिना मास्क कोई न घूमे, इसको लेकर सख्ती भी बरती जाती है और प्यार से भी समझाया जाता है। जरूरतमंदों को मास्क भी उपलब्ध करवाए जाते हैं। - दामोद रानी, महिला पुलिस कर्मी।
विज्ञापन

ड्यूटी के साथ-साथ परिवार के साथ तालमेल रखा जा रहा है ताकि उन्हें भी किसी तरह की परेशानी न हो। सुबह ड्यूटी पर आने के पहले परिवार को बता दिया जाता है कि शाम को ड्यूटी से वापस आने के बाद कोई तुरंत संपर्क में न आए। खुद को सैनिटाइज व वर्दी धोकर ही परिवार के सदस्यों से मिलना पड़ रहा है। कोरोना को हराने के लिए जनता का भी सहयोग मिल रहा है। -कमलेश रानी, महिला पुलिस कर्मी।
पुलिस का काम जनसेवा करना है ताकि लोग सुरक्षित रहें, लेकिन कोरोना महामारी पूरी दुनिया में फैली है जिससे जिम्मेदारी बढ़ गई है, लोग एक दूसरे से संक्रमित न हो इसके लिए कार्य किया जा रहा है। पहले की बजाय अब ज्यादा घंटों तक ड्यूटी करनी पड़ती है, लेकिन इसे लेकर उन्हें किसी भी तरह की शिकायत नहीं है क्योंकि कोरोना से जंग में देश, प्रदेश को जिताने के लिए वह इससे भी ज्यादा समय तक ड्यूटी करने को तैयार हैं। - कविता, महिला पुलिस कर्मी।

कमलेश रानी, महिला पुलिस कर्मचारी- फोटो : Fatehabad

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें