फतेहाबाद। बुढ़ापा पेंशन के लिए 70 साल आयु के पात्र इंतजार करते रह गए और 60 साल से कम आयु के व्यक्तियों के नाम पेंशन की सूची में डाल कर भेज दी गई। अब मामला सामने आने के बाद अधिकारी ऐसी गलती पहली बार होने का हवाला दे रहे हैं और अपात्रों के नाम खारिज करने की बात कर रहे हैं। यह कारनामा नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड) ने किया है। इतना ही नहीं लापरवाही का आलम यह है कि पात्रों के नाम बदल दिए जा रहे हैं और विधवा महिला को सैनिक की पत्नी दर्शा दिया जा रहा है। इसका खमियाजा लाभार्थियों को भोगना पड़ना रहा है।
दरअसल, क्रीड की ओर से जिला समाज कल्याण विभाग को बुढ़ापा पेंशन के लिए 1408 पात्रों की सूची एक सप्ताह पहले भेजी गई थी। इसमें आधे से अधिक नाम अपात्रों के भेज दिए गए। इस सूची में 45 वर्ष की आयु के लोगों के नाम भी शामिल कर दिए गए हैं। जबकि प्रदेश सरकार ने बुढ़ापा पेंशन के लिए 60 वर्ष की आयु निर्धारित किया है। वहीं, जिले में कुछ ऐसे भी पात्र हैं, जिनकी आयु 70 वर्ष या इससे भी अधिक है, फिर भी उनकी पेंशन नहीं बन रही है। सूची में शामिल लोगों की जैसे-जैसे उम्र के दस्तावेज आ रहे हैं, वैसे-वैसे अब समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों को नाम रद्द करने पड़ रहे हैं।
बुढ़ापा पेंशन की सूची में मिला 50 साल की महिला का नाम
बुढ़ापा पेंशन के लिए 1408 लोगों की सूची में से 60 वर्ष से कम आयु के काफी लोगों के नाम शामिल कर दिए गए हैं। इस कारण अब कई लोग लघु सचिवालय के द्वितीय खंड स्थित समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में भी पहुंचने लगे हैं। कार्यालय में पहुंचीं फतेहाबाद निवासी 50 वर्षीय मंजू देवी ने बताया कि उनकी उम्र कम होने के बावजूद बुढ़ापा पेंशन की सूची में नाम डाल दिया है। इसी तरह 58 वर्षीय सुरजीत कुमार, 45 वर्षीय श्रवण कुमार, 60 वर्ष से कम उम्र के सज्जन कुमार और मदनलाल ने बताया कि वह बुढ़ापा पेंशन सूची में नाम देखकर चकित रह गए। अब खुद ही विभाग को सूचना देकर बता रहे हैं कि उनकी उम्र 60 वर्ष से कम है। कर्मचारी कह रहे हैं कि जिनकी उम्र कम है, उनके नाम रद्द कर दिए जाएंगे।
उम्र 73 वर्ष, फिर भी नहीं बन रही पेंशन
गांव भिरड़ाना निवासी जगतार सिंह ने बताया कि उनकी आयु 73 वर्ष हो गई है। मगर अभी तक पेंशन पात्रों की सूची में नाम शामिल नहीं हुआ है। उनकी पेंशन भी लागू नहीं हो सकी है। विभाग के कर्मचारी यही जवाब देते हैं कि नागरिक संसाधन सूचना विभाग ही पेंशन की सूची में नाम डालेगा। इसके बाद ही पेंशन लागू हो पाएगी।
विधवा महिला को सैनिक की पत्नी दर्शाया
विधवा पेंशन बंद होने से परेशान गांव मेहूवाला निवासी किताबों देवी समाधान शिविर में पहुंची तो मौके पर मौजूद ऑपरेटरों और कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि आपके पति सैनिक थे, इसलिए आपकी विधवा पेंशन लागू नहीं कर सकते। सेना के परिवार के सदस्य के तौर पर पेंशन लागू होगी। इसके लिए आपको कागजात पूरे करवाने होंगे। ऐसे में महिला ने कहा कि जब मेरे पति सैनिक ही नहीं थे तो ऐसे में मैं कहां से कागजात पूरे करवाऊं। इसके बाद उपायुक्त राहुल नरवाल ने उनकी समस्या का समाधान करवाया।
कोट
60 साल से कम आयु वालों का बुढ़ापा पेंशन सूची में नाम तकनीकी खराबी के कारण आया है। जिनकी उम्र 60 साल से कम है, उनके नाम रिजेक्ट कर दिए जाएंगे। ऐसी गलती पहली बार ही हुई है।
-सरोज देवी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, फतेहाबाद